भारतीय मीडिया की छवि देश के साथ विश्वस्तर पर भी गिरती जा रही है। अंतर्राष्ट्रीय अखबारों में भारतीय मीडिया की गलत रिपोर्टिंग और टीआरपी बढ़ाने के लिए किसी भी हद तक गिर जाने की आदत की आलोचना होना अब आम बात हो चली है।

हाल ही में बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री श्रीदेवी की मौत हो गई है। उनकी मौत दुबई में हुई। मौत के कारण को लेकर दिल का दौरा पड़ने से लेकर बाथटब में डूबने तक की तरह-तरह की खबरे आई।

लेकिन भारतीय मीडिया ने जिस तरह से इस मामले को पेश किया उसकी आलोचना अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट ने भी की है।

अखबार ने लिखा है कि भारतीय मीडिया ने इस खबर का ट्रायल शुरू कर दिया। न्यूज़ चैनलों के प्राइम टाइम शो पर पैनल बैठाए जाने लगे।

मौत के पीछे जिन कारणों की चर्चा की गई वो शर्मनाक है। किसी न्यूज़ चैनल ने इस बात पर शो किया कि कही श्री देवी की मौत प्लास्टिक सर्जरी या अन्य किसी सर्जरी से तो नहीं हुई है।

ये बात जगज़ाहिर की अदाकारा की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई थी। तो फिर सर्जरी को उसमे खीचने से क्या होगा। बॉलीवुड में ऐसी बहुत सी इस उम्र की महिलाएं हैं जो प्लास्टिक सर्जरी कराती हैं। लेकिन चैनल अपनी खबर बेचने के लिए किसी भी हद तक उतरने के लिए तैयार हैं। इस बार उन्होंने श्री देवी की उम्र, उनकी त्वचा और सर्जरी को इसके लिए चुना।

एक अन्य न्यूज़ चैनल ने इस बात पर चर्चा की कि श्रीदेवी कौनसी शराब पीती थी। दुबई मीडिया ने फॉरेंसिक के हवाले से बताया है कि श्री देवी के शरीर में जांच के दौरान शराब पाई गई है। इसके बाद भारतीय मीडिया को महिला के चरित्रचित्रण करने का मौका मिल गया।

चैनलों पर इस बात पर चर्चा होने लगी कि क्या श्री देवी वोडका पीती थी या टकीला। दरअसल, इसमें तथाकथित नैतिक नज़रिया दिया जा रहा था। ये साबित करने की कोशिश हो रही थी कि जो महिला शराब पीती है उसके साथ ऐसा ही होता है।

एक चैनल ने इस बात पर न्यूज़ शो बना दिया कि क्या श्री देवी जैसी डांसर बाथरूम में नहाने के दौरान डांस करते हुए गिर गई। किसी की निजी ज़िंदगी का उसकी मौत पर क्या इससे ज़्यादा मज़ाक उड़ाया जा सकता है।

अखबार लिखता है कि भारत में इस खबर के आलावा और भी कई महत्वपूर्ण खबरें हैं। जैसे हाल ही पीएनबी बैंक में हुआ 11,400 का बैंक घोटाला। भाजपा नेता की गाड़ी से 9 मासूम बच्चों की मौत। विश्व में भी इस दौरान बहुत कुछ महत्वपूर्ण घट रहा है। लेकिन भारतीय मीडिया केवल एक ही खबर को लगातार अलग-अलग तरह से दिखा रहा है।

अखबार में लिखा गया है कि जिसने सबसे ज़्यादा शर्मिंदा किया वो थी ‘मौत का बाथटब’ खबर। एक न्यूज़ एंकर बाथटब के पास खड़े होकर ‘मौत का बाथटब’ लिखकर खबर को बता रहा था। टीवी की खबरे अब सोशल मीडिया पर चलने वाले हैशटैग के आधार पर चलने लगी हैं।

इसलिए एक खबर #न्यूज़कीमौत भी चलनी चाहिए। श्रीदेवी की मौत कि खबर के साथ मीडिया की मौत की सूचना भी दे देनी चाहिये।

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