मोदी सरकार में अबतक किसान, नौजवान, गरीब, मजदूर सड़कों पर थे अब न्याय देने वाले भी अपने साथ हुए अन्याय की कहानी सुना रहे हैं।

आज इतिहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉंफ्रेंस की। चार जजों ने लोकतंत्र को खतरें में बताया। चीफ जस्टिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि, सीजीआई दीपक मिश्रा अन्याय करते हैं।

ये जज हैं जस्टिस चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगाई, जस्टिस मदन भीमराव और जस्टिस कुरियन जोसेफ।

काल्किपीठ के आचार्य प्रमोद ने ट्वीट करते हुए पीएम मोदी के मन की बात पर सवाल उठाया।  उन्होंने कहा कि, सिर्फ प्रधानमंत्री को मन की बात करते रहने का अधिकार नहीं है। यह अधिकार सबको है। यह अधिकार जजों को क्यों नहीं है ?

दरअसल बीते रोज सुप्रीम कोर्ट ने चार जजों ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा था कि, हम बस देश का कर्ज़ अदा कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हम पर कोई आरोप लगाए। ‘कल को कोई यह न कह दे कि हमने अपनी आत्मा बेच दी है।’

जजों ने कहा कि जब तक इस संस्था को बचाया नहीं जा सकता, लोकतंत्र को नहीं बचाया जा सकता।

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