आज सुप्रीम कोर्ट के चार जजों ने प्रेस कॉंफ्रेंस करके पूरे देश को हिला दिया है। चार जजों ने बताया कि, लोकतंत्र खतरें में है।

देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने मीडिया को संबोधित किया। शायद ही इससे पहले कभी सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। ये जज हैं जस्टिस चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगाई, जस्टिस मदन भीमराव और जस्टिस कुरियन जोसेफ। इस दौरान जजों ने न्यायपालिका के कामकाज पर सवाल उठाए।

काल्कि पीठ के आचार्य प्रमोद ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, जब न्यायपालिका ही दहशत में है तो आम आदमी का हाल क्या होगा ?

दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने जजों ने चीफ जस्टिस पर आरोप लगाए हैं। चार महीने पहले हम सभी चार जजों ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था। जो कि प्रशासन के बारे में थे, हमने कुछ मुद्दे उठाए थे। उन्होंने कहा कि वह उस पत्र सार्वजनिक करेंगे।

जजों ने कहा कि चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम बस देश का कर्ज़ अदा कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हम पर कोई आरोप लगाए।

‘कल को कोई यह न कह दे कि हमने अपनी आत्मा बेच दी है।’ जजों ने कहा कि जब तक इस संस्था को बचाया नहीं जा सकता, लोकतंत्र को नहीं बचाया जा सकता।

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