गत शनिवार को जम्मू सुंजवां फौजी कैंप पर फिदायीन हमला हुआ था। इस हमले में 6 जवान शहीद हो गए थे और एक नागरिक भी मारा गया था। सर्च आपरेशन के दौरान रविवार को एक जेसीओ, दो हवलदार और एक हवलदार के पिता का शव बरामद हुआ थे।

शहीद होने वाले 6 जवानों में से चार मुस्लिम थे, ये बताना बिल्कुल भी जरूरी नहीं होना चाहिए, लेकिन यहां इसलिए बताया गया क्योंकि मौजूदा सरकार के आने के बाद से हर रोज- हर किसी को अपनी देशभक्ति का प्रमाण देना पड़ता है। आए दिन बीजेपी नेता मुसलमानों की देशभक्ति पर सवाल उठाते रहते हैं।

रविवार, 13 फरवरी को जेसीओ शहीद अशरफ मीर के पार्थिव शरीर को उनके गृह नगर कुपवाड़ा लाया गया। शहीद अशरफ मीर की अंतिम यात्रा में हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक शहीद अशरफ मीर की अंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद और ‘शहीद अशरफ मीर अमर रहें’ के नारे लगाए। ये नारे उन लोगों के मुंह पर तमाचा है जो पूरे कश्मीरी मुसलमानों को आतंकवादी कहते हैं। ये उनके लिए भी सबक है जो कश्मीर के सभी युवाओं को पत्थरबाज समझते हैं।

शहीद अशरफ मीर कीअंतिम यात्रा में शामिल लोगों ने भारतीय सेना की जय के भी नारे लगाए। शहीद जवान को पूरे सैन्य सम्मान के साथ आखिरी विदाई दी गई। इस दौरान सेना के कई अधिकारी मौजूद रहे। शहीद जवान अशरफ मीर की आखिरी विदाई में मौजूद हर शख्स के गमगीन आंखों से दर्द भरे आंसू छलक रहे थे।

शहीद अशरफ मीर की अंतिम यात्रा की तस्वीर शेयर करते हुए टीवी एंकर अंजना ओम कश्यप ने भी ट्वीट किया कि ‘शहीद मोहम्मद अशरफ़ का तिरंगे में लिपटा शरीर कह रहा है कश्मीर के हर घर से ‘अशरफ़’ निकलेगा ! अनंत नाग से कुपवाड़ा और त्राल तक, कश्मीर, भारत ज़िंदाबाद के नारों से गुंज उठा।’

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