कश्मीरी युवकों ने इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है कि अमरनाथ यात्रा के दौरान घायल हुए यात्री लगातार उनका आभार व्यक्त कर रहे हैं। साथ ही कह रहे हैं इंसानियत सीखना है तो कश्मीरियों से सीखो।

अमरनाथ यात्रा के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने पर घायल हुए दर्जनों यात्रियों ने दूसरी गाड़ियों में आ रहे लोगों से मदद मांगी लेकिन किसी ने भी घायल यात्रियो की मदद नहीं की। लेकिन कश्मीरी गांव के लोग अपनों से भी बढ़कर मददगार बनकर सामने आए। घायल अमरनाथ यात्रियों की जिंदगी के लिए घंटो तक पसीना बहाते हुए कश्मीरी युवक हाथों में ग्लूकोस की बोतल पकड़कर खड़े रहे ।

यात्रियों के चल रहे इलाज में मदद करने के लिए इन युवकों ने तमाम पूर्वाग्रहों को दरकिनार करते हुए मानवता भरी कश्मीरियत की ऐसी तस्वीर पेश किया कि दुनिया उन्हें सलाम कर रही है ।

अब DD NEWS को दिए गए एक इंटरव्यू में अमरनाथ यात्रियों ने कश्मीरी युवकों की जमकर तारीफ की और कहा कि,’ अगर कश्मीरियों ने मदद नहीं की होती तो हम मर जाते , इंसानियत सीखनी है तो सिर्फ कश्मीरी लोगों से सीखों। ‘

वीडियो में यात्री ने कहा,’ जब कोई बचने नहीं आया तो लोगों ने आकर गाडी के शीशे तोड़कर घायलों को निकाला, मुझे पहली बार समझ आया कि इंसानियत क्या होती है।

कश्मीरी लोगों ने वो इंसानियत दिखाई जिससे सीखने का मन करता है कि इंसानियत क्या होती है। कश्मीरी लोगों की बुराई न करो, इस दिल से पहचानो इंसानियत कश्मीरी लोगों से सीखी जा सकती है।’

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