घायल अमरनाथ यात्रियों की जिंदगी के लिए हाथों में ग्लूकोस की बोतल पकड़कर खड़े हुए कश्मीरी युवक।

अमरनाथ यात्रा के दौरान बस दुर्घटनाग्रस्त होने पर घायल हुए दर्जनों यात्रियों के लिए कश्मीरी युवक अपनों जैसे मददगार बनकर सामने आए। यात्रियों के चल रहे इलाज में मदद करने के लिए घंटो तक पसीना बहाने वाले इन युवकों ने तमाम पूर्वाग्रहों को दरकिनार करते हुए मानवता भरी कश्मीरियत की ऐसी तस्वीर पेश किया कि दुनिया उन्हें सलाम कर रही है ।

हाथ में ग्लूकोज की बोतल लिए कश्मीरी युवकों का यह समर्पण मानवता में उनकी मान्यता को बल देता है और तमाम उन अवधारणाओं को तोड़ता है जिसमें कश्मीरी युवक के हाथ में सिर्फ पत्थर की कल्पना की जाती है। हालाँकि ये  पूर्वाग्रह बनाने के लिए मीडिया जिम्मेदार है जिसको तोड़ने के लिए ऐसी तस्वीर भी दिखाना मीडिया की ही जिम्मेदारी है।

यही नहीं, तमाम कश्मीर युवक घायलों को अपना खून देने के लिए बढ़-चढ़कर सामने आए। हिंदू तीर्थ यात्रियों के लिए मुस्लिम नवयुवकों की हमदर्दी और उनका समर्पण दिखाती हुई ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। लोग कह रहे हैं हिंदू मुस्लिम भाईचारे की ये तस्वीरें ही असली हिंदुस्तान को दिखाती है।

ताराशंकर इस तस्वीर को फेसबुक पर साझा करते हुए लिखते हैं  ‘अमरनाथ यात्रियों को ले जा रही एक बस के खड्ड में गिरने से कई यात्री मारे गये! अपने हाथों में ग्लूकोज़/सेलाइन वाटर की बोतल लिए, ख़ुद स्टैंड और स्ट्रेचर बने ये कश्मीरी युवा (जिन्हें अक्सर मीडिया बुरहान वानी, पत्थरबाज़, क्रूर, देशद्रोही साबित करने की हरसंभव जुगत में रहती है) घायल यात्रियों की मदद करते हुए कश्मीरियत की एक झलक दे रहे हैं!’

एक अन्य यूजर ताबिश सिद्दीकीे लिखते हैं ‘अमरनाथ बस दुर्घटना के बाद स्थानीय कश्मीर युवक घायल यात्रियों को प्राथमिक उपचार देते हुए।’

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