हरियाणा की खट्टर सरकार शिक्षा का भगवाकरण करने में लगी हुई है। यही वजह है की अब स्कूलों में होने वाली प्रथानाओं में गायत्री मंत्र को अनिवार्य कर दिया है।

अब जब हरियाणा के शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से इस फैसले को लागू का करने के पीछे की वजह पूछी गई तो उन्होंने कहा कि गायत्री मंत्र हमारे संतों और महापुरुषों द्वारा विश्व को दिया गया तोहफा है।

प्रधानमंत्री मोदी भले ही अपने भाषणों में ये कहते हुए नज़र आये की देश का धर्म उसका सविधान है। मगर हरियाणा सरकार इस बात से इतिफाक नहीं रखती। हरियाणा सरकार के मंत्री एक धार्मिक मंत्र को स्कूल के छोटे छोटे बच्चों पर थोपना चाहते है। इसके पीछे की वजह महापुरुषों द्वारा विश्व को दिया गया तोहफा बताया है।

वही मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस मामले को सीधा शिक्षा से जोड़ दिया है। खट्टर ने कहा कि “शिक्षा का स्तर कैसे ऊंचा हो, शिक्षा में नैतिकता कैसे आए, कैसे उसमें संस्कार डाले जाएं, उस नाते बहुत से विषयों पर शिक्षा विभाग ने विचार किया।”

गंभीरता से विचार करने के बाद शिक्षा विभाग ने यह फैसला किया कि सभी सरकारी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना में गायत्री मंत्र का जाप किया जाएगा।

शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि सभी स्कूलों में प्रार्थना की शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ होगी और राष्ट्रगान के साथ प्रार्थना खत्म होगी। इसी नियमों के तहत अब प्राथना को 20 मिनट करवाई जाएगी।

इन दो सिवा जिन और प्रथानाओं को जोड़ा गया उनमें ‘हमको मन की शक्ति देना’ चुना गया है। इसके साथ ही ये भी निर्देश दिया गया है कि सभी  स्कूल नियमों की पालना करे चेकिंग के दौरान अगर नियमों के अनुसार प्राथना नहीं हुई तो स्कूल पर एक्शन लिया जायेगा।

इस फैसले को लेकर खट्टर सरकार विधानसभा में एक प्रस्ताव लेकर आएगी। विधानसभा सत्र 5 मार्च से शुरू हो रहा है। इस फैसले को लेकर ये भी आशंका जताई जा रही है की विधानसभा सत्र के तुरंत बाद गायत्री मंत्र को लेकर हरियाणा सरकार नोटिफिकेशन जारी करेगी। जिसमें प्रार्थना के साथ गायत्री मंत्र का जाप और राष्ट्रगान गाना अनिवार्य बन जाएगा।

Loading...
loading...