बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने योगी सरकार के एक साल पूरे होने के मौके पर मनाए जा रहे जश्न पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार को जश्न मनाने के बजाए असफलताओं पर गंभीरत से आत्ममंथन करना चाहिए।

सोमवार को मायावती ने योगी सरकार के एक साल के कार्यकाल का आंकलन करते हुए इसे ‘एक साल, बुरी मिसाल’ का नाम दिया। उन्होंने कहा, ‘योगी सरकार का एक साल प्रदेश पर धब्बे की तरह है। यही वजह है कि उन्हें फूलपुर और गोरखपुर उपचुनाव में वैसा ही जवाब मिला है।’

मायावती ने कहा, ‘राज्य के लोग भाजपा सरकार के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। जनता ने इन्हें जीरो अंक दिया है। आने वाले आम चुनावों में भाजपा बुरी स्थिति में होगी उत्तर प्रदेश सरकार का एक साल पूरे होने का जश्न मनाने के बजाए उसे असफलताओं पर गंभीरता से आत्ममंथन करना चाहिए। यह मेरी उन्हें सलाह है।’

उन्होंने कहा, ‘प्रदेश की आम जनता से घोर वादाखिलाफी, उसे केवल लच्छेदार बातों में फुसलाने व धार्मिक उन्माद में बहकाने की भूल करने का ही नतीजा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी परंपरागत लोकसभा सीट भी गंवानी पड़ी है। इससे पहले शहरी निकाय के चुनाव में भी वह अपने मठ की सीट पर चुनाव हार गए थे।’

बीएसपी सुप्रीमो ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सवाल खड़े करते हुए कहा, ‘योगी सरकार द्वारा एक वर्ष के भीतर सर्वसमाज के गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों व आम जनता के हित पर ध्यान केंद्रित करने के बजाए कर्मकांड व पूजापाठ में ही ज्यादा समय लगाते रहे हैं जबकि जनता के हित के लिए सही नीयत और निष्ठा से काम करना ही असली पूजा व सच्चा राजधर्म है।’

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