यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ मिलकर 300 सीटें जीतने का दावा करने वाले अखिलेश यादव के बयान पर बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि वास्तव में यह सब एक बबुआ द्वारा कही गई बबुआ जैसी ही बातें हैं।

मायावती ने कहा कि सपा प्रदेश में कमजोर हो गई हैं इसलिए गठबंधन की बात कर रहे हैं। विकास और कानून व्यवस्था के दावे हवा-हवाई हैं। अगर इनमें जरा भी सच्चाई होती तो ये गठबंधन के लिए इतने उतावले नहीं होते। दरअसल उन्हें अपनी करारी हार सुनिश्चित दिखाई दे रही है।

समाजवादी पार्टी पर सरकारी कर्मचारियों को सातवें वेतन आयोग के मुताबिक वेतन आदि का लाभ देने में देरी करने का आरोप लगते हुए मायावती ने आगे कहा कि अखिलेश सरकार की जातिवादी नीतियों और गलत कार्यप्रणाली से आम जनता के साथ ही सरकारी सेवा में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से लगे लाखों कर्मचारियों, शिक्षकों आदि में काफी रोष व्याप्त है।

ये लोग अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन, आन्दोलन करते हैं तो पुलिस के डंडे का शिकार होते रहते हैं। और सरकार ने मंत्रिमंडल की बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े जो फैसले लिए हैं, उनमें अधिकतर जनहित व जनकल्याण में नहीं, बल्कि सरकार की चला चली की बेला में विभिन्न स्वार्थों की पूर्ति को ध्यान में रखकर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि सपा सरकार के मुखिया जिन कार्यों के लोकार्पण, उद्घाटन आदि कर रहे हैं, जिनमें लखनऊ मेट्रो, लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे भी शामिल है, वे ज़्यादातर अभी अधूरे ही हैं। फिर भी उनका पूरा भुगतान किया जा रहा है, ये भ्रष्टाचार है। बसपा सरकार आने पर इन मामलों की प्राथमिकता के आधार पर जरूर जांच कराई जाएगी।

 

 

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