बता दें कि दुनियाभर में मानसिक बीमारी बहुत बड़ी हेल्थ प्रॉब्लम बनकर उभर रही है और हर उम्र के लोग डिप्रेशन और मेंटल स्ट्रेस से गुजर रहे हैं। WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के मुताबिक, दुनिया भर में मानसिक, न्यूरोलॉजिकल और नशे की लत से जितने लोग परेशान हैं, उसमें से लगभग 15% मरीज भारत में हैं। नेशनल मेंटल हेल्थ सर्वे से पता चला है कि देश में 18 से ज्यादा उम्र वाले 5.25% लोग डिप्रेशन का शिकार हैं। यानी हर 20 में से एक शख्स इस बीमारी का शिकार है। हांलाकि बच्चों में भी मानसिक तनाव बड़ी समस्या बन रही है।

एम्स के साइकेट्रिक डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. नंद कुमार ने बताया कि बच्चों में अकेलापन तेजी से बढ़ रहा है। समाज से लगाव कम होता जा रहा है। इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल से बच्चे साइबर क्राइम में भी फंस रहे हैं। इसलिए मेंटल हेल्थ क्लब शुरू करने के बारे में सोचा गया है। उन्‍होंने बताया कि मेंटल हेल्थ फाउंडेशन ने इसे नेशनल लेवल पर विकसित करने की योजना तैयार की है पर शुरुआत में इस क्लब से दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों व कॉलेजों को जोड़ा जाएगा। अगले एक साल से 50 स्कूल व कॉलेजों को जोड़ने की योजना है। स्कूलों के 6 से 12 क्लास के स्टूडेंट्स इसके सदस्य होंगे। क्लब की मेम्बरशिप लेने के लिए 500 से 700 रुपये लगेंगे।

इस कार्यक्रम को मेट (माइंड एक्टिवेशन थ्रू एजुकेशन) नाम दिया गया है। इसके तहत क्लब छोटे-छोटे ऑडियो-वीडियो तैयार करेगा, जिसे स्कूल और कॉलेजों में स्टूडेंट्स को दिखाया जाएगा ताकि स्टूडेंट्स का बेहतर मानसिक विकास हो सके।

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