नरेंद्र मोदी सरकार के एक नए फैसले से देश की सियासत में भूचाल आ सकता है। दरअसल मोदी सरकार ने देशभर में 39 फौजी गौशाला को बंद करने का आदेश दिया है। जिन गौशालाओं को बंद करने का आदेश दिया गया है वहां देश कि सबसे अच्छी नस्ल की गाय मौजूद है। अब ऐसे में देश के फौजियों को गाय का दूध नहीं बल्कि प्राइवेट कंपनियों का पैकेट वाला दूध मिलेगा।

‘देश के जवान’ पियेंगे प्राइवेट कंपनियों का पैकेट वाला दूध

मोदी सरकार का कहना है कि अब देश में प्राइवेट दूध का कारोबार बड़ा हो गया है। ऐसे में फ़ौज को गौशाला की जरुरत नहीं है। फ़ौज को अब प्राइवेट डेरी से दूध मुहैया करवाया जाएगा। यहाँ तक कि फ़ौज की गौशाला में भ्रष्टाचार तक के मामले सामने आये है।

20000 गायों का क्या होगा ?

सरकार के फैसले से 39 गौशाला बंद हो जाएगी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल जो खड़ा हो रहा है वो है कि आखिरकार गौशाला में मौजूद 20,000 गायों का क्या होगा। Indian Council of Agricultural Research का कहना है कि देश की किसी भी गौशाला में क्षमता नहीं की इतनी बड़ी संख्या में गायों की देखभाल कर सकें। लेकिन मोदी सरकार के इस फैसले के बाद विपक्ष को नया मुद्दा मिल गया है।

2500 कर्मचारी होंगे बेरोज़गार

जिन गौशालाओं को बंद किया जा रहा है उनमे लगभग 20000 गाय है। वही 2500 कर्मचारी काम करते हैं। इस फैसले के बाद सीधे तौर पर उनकी नौकरी पर भी असर पड़ेगा। गौशालाओं को बंद करने के लिए 3 महीने का वक़्त तय किया गया है।

देशभर में यहाँ गायें के नाम पाव बवाल मचा हुआ है। गौरक्षा के नाम भीड़ द्वारा कई लोगों की हत्या तक कर दी गई हैं। ऐसे में ये फैसला अपने आप में विवाद पैदा करता हैं।

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