केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नौसेना पर हमला बोलते हुए कहा, ‘‘नौसेना की जरूरत सीमाओं पर है, जहां से आतंकवादी घुसपैठ करते हैं। हर कोई (नौसेना में) दक्षिण मुंबई में क्यों रहना चाहता है? वे मेरे पास आए थे और भूखंड मांग रहे थे। मैं एक इंच भी जमीन नहीं दूंगा। कृपया दोबारा मेरे पास नहीं आइए।’

गुजरात कांग्रेस के आईटी प्रभारी रोहन गुप्ता ने लिखा कि,पाकिस्तान और चीन को लाल आँख दिखाने के बजाय यह तो सेना को ही आँख दिखाने लगे !

गडकरी ने ये बात भारत के पहले अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनस के समारोह में कही। इस समारोह में पश्चिमी नौसैनिक कमान के प्रमुख वाइस एडमिरल गिरीश लूथरा भी मौजूद थे।

पीटीआई के मुताबिक नितिन गडकरी और नौसेना के बीच विवाद तब शुरू हुआ था जब नौसेना ने दक्षिण मुंबई के मालाबार हिल में एक तैरते पुल के निर्माण के लिए अनुमति देने से मना कर दिया था।

जहां एक तैरता होटल और सीप्लेन सेवा शुरू करने की योजना है। उस घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में गडकरी ने सार्वजनिक रूप से नाखुशी जताई।

इसी बात से नाजाज गडकरी ने कहा कि भारतीय नेवी की आदत विकास कार्यों में अड़ंगा लगाते रहने की हो गई है

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