हिंदुस्तान विभिन्नताओं का देश है तभी इस देश में कोस-कोस पर बोली, पानी, वातावरण बदल जाता है। यहाँ विभिन्नताओं के साथ-साथ अंधविश्वास भी मौजूद है। ऐसा ही अंधविश्वास देखने को मिला मध्य प्रदेश के भिंड जिले में, जहाँ एक महिला के हाथों गलती से बछड़े की मौत हो गई तो पंचायत ने तुगलकी फरमान सुना दिया।

दरअसल, 55 साल की महिला कमलेश ने गाय का दूध पी रहे बछड़े को हटाया तो खींचते समय रस्सी बछड़े के गले में फंस गई। जिससे बछड़े की मौत हो गई।

इसपर गाँव की पंचायत ने महिला को गौवंश की हत्या का दोषी मानते हुए एक हफ्ते के लिए गाँव निकाला कर दिया और आदेश दिया कि महिला एक हफ्ते तक दूसरे गाँव में रहकर भीख मांगे और भीख से जो पैसा मिले उससे वो गंगा स्नान करके खुद को शुद्ध करके गाँव वापस लौटे।

आपको बता दें कि भिंड के मातादीनपुरा गांव की रहने वाली महिला कमलेश के बेटे अनिल श्रीवास ने बताया कि उसकी मां का समाज से बहिष्कार कर दिया गया है। पीडिता कमलेश ने पंचायत का आदेश माना। लेकिन, तीसरे दिन कमलेश की भीख मांगते समय तबीयत बिगड़ी और वो ज़मीन पर गिर पड़ी। महिला को अस्पताल ले जाया गया बाद में इलाज के बाद उसे छुट्टी मिल गई। पीड़ित अब अपने घर पर है।

जबकि पंचायत का कहना है कि महिला पर कोई दबाव नहीं डाला गया है। मामला सामने आने पर समाज कह रहा है कि गंगा स्नान का फैसला खुद कमलेश ने लिया था। यह मामला 31 अगस्त का है। अभी कमलेश का परिवार खुलकर पंचायत के खिलाफ कुछ नहीं बोल रहा है, क्योंकि उन्हें समाजिक बहिष्कार का डर सता रहा है।

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