हमारे देश में जात-पात, उंच-नीच के नाम पर इतना भेदभाव है कि इससे कोई भी समाज अछूता नहीं रह पाया है. छोटी छोटी बातों पर लोग एक दूसरे का गला रेंतने को उतावले हो जाते है.

हाल ही में अंकित सक्सेना की मौत इसका एक जीता जागता उदाहरण है. लेकिन उत्तराखंड के देहरादून में एक मुस्लिम परिवार ने इसके उलट उदाहरण पेश किया है .

इस परिवार ने पहले एक हिन्दू बच्चे को गोद लिया, उसे पाल-पोष कर बड़ा किया और अंत में उसकी हिंदू रीति रिवाज़ से शादी भी की.

मुस्लिम परिवार मोनुद्दीन और कौसर ने एक अनाथ बच्चे राकेश रस्तोगी को गोद लिया. उस समय राकेश की उम्र करीब 12 साल थी. पर मोनुद्दीन ने राकेश के धर्म को लेकर कभी कोई सवाल नहीं उठाया.

बल्कि उसे अच्छे से पाल-पोष कर बड़ा किया. उन्होंने राकेश की शादी बड़े ही जोर-शोर से की. कौसर ने भी अपनी नई नवेली बहू का स्वागत हिंदू रीति-रिवाज से ही किया.

ऐसा उदाहरण जब एक मुस्लिम परिवार पेश करता है तब हमे भी इस बात पर गर्व होना चाहिए. और ये सच में ही काबिले तारीफ़ है. वरना आज के समय में धर्म-जाति के नाम पर कैसे प्रेमी जोड़े अपने ही परिजनों द्वारा मौत के घाट उतार दिए जाते है ये किसी से भी अछूता नहीं हैं.

फोटो साभार- एएनआई

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