सोशल मीडिया पर चौकीदार की चौकीदारी पर सवाल उठने लगे हैं। 8 नवंबर, 2016 को पीएम मोदी ने नोटबंदी किया और जनता से कहा उन्होंने ऐसा देश की भलाई के लिए किया है। जनता ने अपने प्रधानमंत्री का पूरा समर्थन किया। कड़ाके की ठंड से बेपरवाह लोग घंटो लाइन में लगते रहें। पीएम मोदी इस आह्वान पर 100 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान भी दे दी।

और इन सब का परिणाम क्या हुआ? आज जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। एक बड़ा धन्नासेठ देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक से 11,345 करोड़ का घोटाला कर फरार हो चुका है। सरकार का रवैया देखर लगता है कि पैसे वापस आने की उम्मीद बहुत कम है।

अभी ये आरोप लग रही रहा था कि नीरव मोदी को मोदी सरकार का शह प्राप्त था, इस बीचे नैशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद माजिद मेमन ने एक बड़ा खुलासा कर दिया है। मेमन के मुताबिक, नीरव मोदी ने नोटबंदी की घोषणा से कुछ घंटे पहले पंजाब नैशनल बैंक की एक शाखा में 90 करोड़ रुपये जमा किए थे।

न्यूज़ एजेंसी एनआई को दिए गए एक इंटरव्यू में मेमन ने कहा कि 8 नवंबर को प्रधानमंत्री के ऐलान से ठीक पहले नीरव मोदी ने पंजाब नेशनल बैंक में 90 करोड़ जमा करवाए थे। मेमन के अनुसार ये पैसा बाद में सोने या किसी और चीज़ में बदलवा लिया गया। मेमन का कहना है कि इस बात की पूरी जांच होनी चाहिए।

23 फरवरी को मेमन ने अपने एक ट्वीट में लिखा कि पीएम के नोटबंदी के ऐलान से चंद घंटों पहले 8 नवंबर 2016 को नीरव मोदी ने बड़ी मात्रा में पीएनबी की ब्रांच में कैश जमा किया था। इसका क्या मतलब है?’

इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने ट्वीट किया है कि ‘छोटे मोदी ने नोटबंदी की घोषणा के कुछ घंटे पहले PNB में 90 करोड़ रु जमा कराए थे।

बड़े दुख की बात है कि उन्हें बैंक की लम्बी लाइनों में लगकर देशसेवा करने का सौभाग्य नहीं मिल पाया। वैसे इत्तफ़ाक़ ही रहा होगा, क्युकी बड़े मोदी तो चौकीदार हैं। 1 दिन में 25 घंटे काम करने वाले चौकीदार। है ना?’

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