यूं तो भारत में धार्मिक कट्टरता और उसके नाम पर राजनीति करना देश की पुरानी समस्याओं में से एक है लेकिन वर्तमान समय में जिस तेज़ी से इसमें इज़ाफा हो रहा है उससे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान हो रहा है।

अमेरिकी नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी डेविड जोनाथन ग्रॉस का कहना है कि भारत में धार्मिक घृणा बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कुर्सी पाने के लिए बहुत से राजनेता हिंसा और नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं।

ग्रॉस ने यह बात कोलकाता के भारतीय सांख्यिकी संस्थान में हुए 52वें वार्षिक दीक्षांत समारोह के दौरान कही। गौरतलब है कि पिछले कुछ समय में धर्म के नाम पर हो रही राजनीति को काफी बढ़ावा मिला है साथ ही धार्मिक कट्टरता के कारण लोगों पर हमलें भी बढ़े हैं। सत्ताधारी भाजपा पर राजनीतिक फायदे के लिए इस तरह की नफरत को बढ़ावा देने के आरोप लगे हैं।

दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि ग्रॉस ने कहा कि आज के समय में कट्टरपंथी राष्ट्रवाद, नस्लवाद और कट्टरता सभी देशों के लिए बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘इन सब समस्याओं का मुख्य कारण विज्ञान की अज्ञानता है। यह बहुत की समस्याओं को हल कर सकती है। बुनियादी तथ्यों की अज्ञानता के कारण बहुत सी समस्याओं का सामना हमें करना पड़ रहा है।’

ग्रॉस से जब सवाल किया गया कि क्या भारत में पिछले कुछ सालों में कट्टरपंथी राष्ट्रवाद और कट्टरता बढ़ी है तो उन्होंने जवाब दिया, ‘ऐसा नहीं है कि ये सारी समस्याएं केवल भारत में ही हैं। पूरा विश्व इनसे जूझ रहा है, लेकिन अगर भारत की बात करें तो बहुत से राजनेता खुद के फायदे के लिए यहां हिंसा और नफरत को बढ़ावा दे रहे हैं, खून बहा रहे हैं। दुर्भाग्य से भारत में धार्मिक घृणा भी बढ़ते जा रही है।’

ग्रॉस ने कहा, ‘आपके पास महात्मा गांधी जैसे महान नेता थे। जिन्होंने हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाई थी और अहिंसा का संदेश पूरे विश्व में दिया था, लेकिन अब यहां नफरत बढ़ती जा रही है।’

अमेरिकी नोबेल विजेता ने कहा कि महात्मा गांधी ने भारत से जाति व्यवस्था को खत्म करने के लिए बहुत संघर्ष किया था, लेकिन यह दुख की बात है कि यह देश आज भी इस समस्या से जूझ रहा है।

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