दरअसल, आमतौर पर यह देखा गया है कि लोग मोटापे को बीमारी नहीं मनाते हैं। जबकि मोटापा बीमारियों की जड़ है। फिर भी जो लोग जागरुक नहीं हैं, वे इसे बीमारी मानने को तैयार नहीं होते।

इतना ही नहीं, मोटापे से परेशान लोग कोई किसी का कमेंट भी बर्दाशत नहीं कर पाते। खैर मोटापे को कोई भले ही न माने, लेकिन मेडिकल साइंस तो कहते हैं कि यह कई रोगों को बुलावा देता है।

जानिए कैसे मोटापा है गंभीर रोग

हैबिलाइट बरिएट्रिक्स के फाउनडर, डॉ. कपिल अग्रवाल, सीनियर एडवाइजर, बरिएट्रिक एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जन बताते हैं कि भारत में मोटापे के रोगियों के साथ बड़ी समस्या यह है कि वह अपनी बीमारी को एक रोग नहीं मानते हैं और इसके गंभीर रेजल्ट्स की अनदेखी करते हैं।

हैबिलाइट सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक मोटापा एक गंभीर रोग है और कैसे यह बढ़ता मोटापा और भी गंभीर रोगों की वजह है। इसलिए इसके ट्रीटमेंट के लिए प्रोफेशनल हेल्थ एडवाइजर की जरुरत पड़ती है।

वहीं डॉ. अग्रवाल ने ये भी बताया कि भारत दुनिया में तीसरा सबसे ज्यादा मोटी आबादी वाला देश है। भागदौड़ भरी लाइफ स्टाइल के साथ तेजी से बढ़ता अर्बनाइजेशन मोटापे के बढ़ते के लिए ज्यादा जिम्मेदार है। हमारे देश में 10% आबादी सामान्य मोटापे और 5% आबादी ज्यादा मोटापे की शिकार है।

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