महाराष्ट्र के ग्राम पंचायत चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बंपर जीत मिली है। आंकड़ों के मुताबिक 50 प्रतिशत से ज्यादा सीटे भाजपा को मिली है।

यह ख़बर भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है क्योंकि लोकसभा के साथ महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव भी होना है। इसलिए यह जीत काफी महत्वपूर्ण हो जाती है।

ग्राम पंचायत में जीत मिलने के बाद भाजपा नेताओं में खुशी की लहर दौ़ड़ पड़ी। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने बधाई दे डाली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र की जनता का आभार व्यक्त किया। प्रघानमंत्री ने ट्विट करके संदेश दिया।

प्रधानमंत्री के इस ट्विट के बाद काफी सवाल खड़े होने लगे। अक्सर प्रधानमंत्री को व्यस्त बताकर आम सवालों से बचाने वाले भाजपा नेता घिरने लगे हैँ। सवाल उठ रहे हैं कि, पूरा देश जब मंदसौर में किसानों पर गोलियाँ चलाई गई तब सवाब कर रहा था। पीएम मोदी ने शोक संदेश भी ट्विटर से जारी नहीं किया।

जब पूरे देश में पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या का विरोध हो रहा था। मौत के बाद पत्रकार लंकेश को कुतिया लिखने वाले को प्रधानमंत्री खुद फॉलो करते हैं उसपर जवाब मांगा जा रहा था। तब पीएम महोदय खामोश रहे। पूरे देश में भीड़तंत्र के खिलाफ आवाज़ उठाई जा रही थी। तब पीएम मोदी खामोश रहे।

किसान जन्तर-मन्तर पर पीएम मोदी से जिंदगी की भीख मांग रहा था तब प्रधानमंत्री मोदी खामोश रहे। गोरखपुर के एक अस्पताल में हजारों माओँ की गोद वीरान कर दी उसपर आज भी पीएम मोदी खामोश हैं। रेल दुर्घटनाएं जारी है तब भी पीएम मोदी खामोश है। लेकिन ग्राम पंचायत की जीत पर पीएम मोदी खामोश नहीं है बल्कि खुश हैं।

इस खुशी में उन्होंने ट्विटर पर संदेश जारी किया है। महाराष्ट्र की जनता का शुक्रिया अदा किया है। वही जनता में शामिल हजारों किसान और सैकड़ों लोग मर जाते हैं लेकिन पीएम मोदी शोक संदेश तक जारी नहीं करते हैं।

वोट की राजनीति और राजनीति ही राजनीति करना एकमात्र मकसद रह गया है। ऐसे तमाम मौके पड़े जब पीएम मोदी की खामोशी देशवासियों के लिए काफी चिंता का विषय बन चुकी है।

आपको बता दें कि, भाजपा के चुनाव जीतने पर ट्विट करने वाले प्रधानमंत्री देशवासियों के साथ मुसीबत में खड़े नजर नहीं आते हैं ऐसे इल्जाम उनपर हमेशा से लगते रहे हैं।

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