पंजाब नेशनल बैंक घोटाले की जांच के लिए ऑडिट फर्म पीडब्ल्यूसी को नियुक्त किया गया है। ‘द इकोनॉमिस्ट टाइम’ के मुताबिक, पीडब्ल्यूसी इस बात का पता लगाएगी किस तरह LOUs नीरव मोदी को दिए गए।

लेकिन इस कदम के बाद ये कहा जा रहा है कि घोटाले की सच्चाई बाहर आने से छुपाने की कोशिश हो रही है।

बता दें, कि पीएनबी बैंक में 11,400 करोड़ का घोटाला सामने आया है। इस घोटाले में आरोपी हीरा कारोबारी नीरव मोदी हैं। नीरव मोदी देश के सबसे बड़े उद्योगाती मुकेश अंबानी के रिश्तेदार हैं। मुकेश अंबानी को मोदी सरकार का करीबी माना जाता है।

हाल ही में स्विटज़रलैंड के दावोस शहर में हुए वर्ल्ड इकनोमिक फोरम की बैठक में नीरव मोदी को भी प्रधानमंत्री मोदी के साथ देखा गया था।

दरअसल, पीडब्ल्यूसी की ही ऑडिट फर्म प्राइस वाटरहाउस (पीडब्ल्यू) पर इसी वर्ष जनवरी में ही सत्यम घोटाले के ऑडिट में गलत रिपोर्ट देकर आरोपी को बचाने के आरोप में दो साल का प्रतिबंध लगाया गया है।

ये खबर आने के बाद मशहूर वकील प्रशांत भूषण ने भी ट्वीट कर इस कदम की आलोचना की।

प्रशांत भूषण ने ट्वीट कर कहा कि पीएनबी ने पीडब्ल्यूसी को नीरव मोदी घोटाले की जांच के लिए नियुक्त किया है। जबकि पीडब्ल्यूसी सत्यम घोटाले और अन्य कई घोटालों में अपराधी साबित हो चुकी है। ये फर्म भारत में अवैध तरीके से काम कर रही है। बल्कि आज ही सुप्रीमकोर्ट ने पीडब्ल्यूसी के खिलाफ जांच का आदेश दिया है।

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