भीमा कोरेगांव हिंसा मामले में पूरी तरह से नाकाम रही महाराष्ट्र सरकार और पुलिस स्थिति बिगड़ने का ठीकरा अब दूसरों के सर फोड़ने पर लग गई है।

युवा नेता जिग्नेश मेवानी और जेएनयू के छात्र उमर खालिद पर लोगों को भड़काने को लेकर शिकायत दर्ज की गई है।

पुणे के डेक्कन पुलिस स्टेशन पर दर्ज शिकायत के अनुसार, उन्होंने जो भाषण दिया था उसकी वजह से दो समुदायों के बीच तनाव बढ़ा।

गौरतलब है कि कल 1 जनवरी 2018 को लाखों की संख्या में दलित समाज के लोग महाराष्ट्र के भीमा कोरेगांव ऐतिहासिक युद्ध की 200वीं वर्षगाँठ मनाने के लिए एकत्र हुए थे। जिस पर कुछ भगवाधारी गुंडों ने हमला किया और दर्जनों को घायल कर दिया , जिसमें एक युवक की जान भी चली गई।

उसके बाद आज 2 जनवरी को महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बंद का आयोजन करते हुए दलित संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया।

यहां दिलचस्प बात यह है कि जिस दिन जिग्नेश मेवानी, उमर खालिद और भीम आर्मी के कुछ नेता रोहित वेमुला की मां के साथ पुणे गए थे उस दिन किसी तरह की हिंसक वारदात नहीं हुई। आज हिंसक विरोध प्रदर्शन तब हुआ जबकि 1 जनवरी को दलित समाज के लोगों पर हिंदू संगठनों ने हमला किया।

हालांकि आज सारा दिन मीडिया इसी कोशिश में लगा था कि  स्थिति बगाड़ने के वास्तविक जिम्मेदारों पर सवाल ना उठाकर जिग्नेश और उमर खालिद सरीखे युवा नेताओं पर निशाना साधा जाए और अब पुलिस भी ऐसा करते हुए दिखाई दे रही है।

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