राहुल गाँधी जिस दिन (4 दिसम्बर) कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भर रहे थे, उस दिन उनकी एक फोटो आई जिसमें उनके साथ पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, आनंद शर्मा ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

यह फोटो अब सोशल मीडिया पर पर वायरल हो रही है। वज़ह है उसमें राहुल गाँधी के पीछे रखी हुई गाँधी जी की फोटो। लेकिन यह फोटो अपने मूल रूप में ना होकर गलत तरीके से छेड़छाड़ के बाद बीजेपी आईटी सेल द्वारा वायरल की जा रहा है।

मूल फोटो में दिख रहे गाँधी जी की जगह बीजेपी ने फोटोशॉप करवाकर उसमें मुग़ल शासक ‘औरंगजेब’ की फोटो लगा दी है। जिससे की एक खास तरह की जनता को भड़काकर उनकी भावनाएं भड़काई जा सके।

इस फोटो को भाजपा के कई नेताओं ने शेयर किया है। भाजपा द्वारा उठाया गया यह कदम (फर्जी फोटो) साम्प्रदायिक और झूठ की बुनियाद पर टिका है, जो किसी तिनके की तरह उड़कर बेनाकाब हो रहा है।

बता दें कि इस तरह की जितनी भी फर्जी फोटो सोशल मीडिया पर कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी नेताओं के बारे में वायरल की जा रहीं हैं वो बीजेपी आईटी सेल की तरफ से प्रसारित की जा रही हैं।

बीजेपी आईटी सेल के कर्ताधर्ता अमित मालवीय हैं जो यह सभी काम पार्टी हाईकमान के इशारों कर रहे है। फोटोशॉप फोटो का सहारा बीजेपी 2014 से ही कर रही है।

लेकिन भाजपा को यह समझाना होगा कि फोटोशॉप की राजनीति से देश की जनता ऊब चुकी है। इसी का नतीजा है की ABP CSDS के आए गुजरात विधानसभा सर्वे में बीजेपी कांग्रेस से पिछाड़ती दिख रही है।

वज़ह है पीएम मोदी का वही गाँधी-नेहरु और एक समाज के लिए भाषण देना जिसमें वो मुद्दों और गुजरात मॉडल पर बात ना करते हुए बाकी सभी चीजों पर बात कर रहे हैं।

इन फोटोशॉप की गईं फोटो का चलन घटने की बजाय दिन-ब-दिन बढ़ा ही है। लेकिन इसकी सच्चाई बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पीएम नरेन्द्र मोदी को पता होते हुए भी इन्होने इस तरह की फोटो पर अपनी मौन इज़ाज़त दे रखी है। सवाल है कि जब पीएम खुद अपनी मर्यादा भूल जाते हैं तो इन फॉटोशॉप गैंग को कौन रोकेगा ?

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