राज्यसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनते ही भाजपा ने ऊपरी सदन द्वारा संचालित होने वाले राज्य सभा टीवी चैनल पर लगाम लगाना शुरु कर दिया है । कंटेंट से लेकर पदों और जिम्मेदारियों के मामले में पूरी तरह से हस्तक्षेप शुरू हो गया है।

बदले माहौल में खुद को असहज पाते हुए तमाम बड़े और गंभीर पत्रकारों ने राज्यसभा टीवी से इस्तीफ़ा दे दिया है ।

उर्मिलेश के बाद अब एंकर अमृता राय ने भी चैनल से इस्तीफा दे दिया है । इसके साथ ही फीचर फिल्मों और डॉक्युमेंट्री के लिए मशहूर राजेश बादल ने भी अपनी फेसबुक वॉल पर वर्तमान हालात पर चिंता जाहिर किया है।

राजनीतिक बहस के लिए बहुचर्चित TV शो सरोकार के एंकर अमृता राय एक लंबी सेवा के बाद राज्यसभा से इस्तीफा दे चुकी हैं। इसके पहले वरिष्ठ पत्रकार उर्मिलेश ने भी राज्यसभा टीवी पर अपनी सेवा से विराम लेते हुए दूरी बना ली थी ।

वरिष्ठ पत्रकार राजेश बादल ने वर्तमान हालात पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि ‘यह पत्रकारिता का सबसे बुरा दौर है। पिछले 40 वर्षों में निष्पक्ष पत्रकारिता कभी भी इतनी मुश्किल में नहीं रही है। 2017 में ये तय करना जरूरी हो गया है कि आप किस धारा के पत्रकार हैं। या तो आपको कांग्रेसी बता दिया जाएगा या भाजपाई या कोई और। निष्पक्षता बचाए रखना बेहद मुश्किल हो गया है । आपके साथ एक विचारधारा का टैग लगाकर आपके साथ शत्रु जैसा व्यवहार किया जाएगा । पेशेवर ईमानदारी और प्रतिबद्धता इस दौर में मायने नहीं रखती।’

राज्यसभा टीवी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ के इस्तीफे के बाद अब प्रसार भारती के सीईओ अतिरिक्त प्रभार के रूप में ये जिम्मेदारी संभालेंगे । जिससे आशंका जताई जा रही है कि अब राज्यसभा TV भी दूरदर्शन की तरह सरकार का माउथ पीस बनकर रह जाएगा।

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