चुनाव आयोग की विश्वसनीयता लगातार गिरती जा रही है। गुजरात विधानसभा चुनाव के नतीजे 18 दिसबंर को आएंगे लेकिन एक नतीजा पहले आ चुका है जिसमें चुनाव आयोग हार चुका है।

यह कहना है वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार का। रवीश कुमार ने पीएम मोदी के रोड-शो पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा कि,

“18 दिसंबर को बीजेपी और कांग्रेस में से कोई एक हारेगा। मगर गुजरात में एक दूसरा भी है जो नतीजा आने से पहले हार चुका है। उसका नाम है चुनाव आयोग।

असतो मा सदगमय,
तमसो मा ज्योतिर्गमय” ।।

दरअसल मतदान के दिन पीएम मोदी के रोड-शो करने पर सवाल उठ रहे हैँ। सरेआम आचार संहिता की धज्जियां उड़ाई जा रही थी लेकिन चुनाव आयोग हाथ पे हाथ धरे बैठा रहा।

गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भाजपा संकल्प पत्र जारी कर रही थी। उसपर भी चुनाव आयोग कोई आपत्ति दर्ज नहीं करता है।

गुजरात चुनाव के नतीजों से पहले चुनाव आयोग अपनी विश्वसनीयता और निष्पक्षता हार चुका है।

आपको बता दें कि, कानून के रखवाले ही कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैँ। देश के तमाम कानून जानकारों ने इसे शर्मनाक करार दिया।

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