कानपुर आईआईटी ऐसा पहला कॉलेज बन चुका है जहाँ हिंदू पवित्र ग्रंथों से जुड़े ऑडियो और टेक्स्ट की पढ़ाई होगी। यह सेवा कॉलेज के आधिकारिक पोर्टल पर शुरू की गई है जहां पर www.gitasupersite.iitk.ac.in का लिंक दिखाई देता है।

इस लिंक पर अपलोड किए नौ पवित्र ग्रंथों में श्रीमद भगवद्गीता, रामचरितमानस, ब्रह्म सूत्र, योगसूत्र, श्री राम मंगल दासजी और नारद भक्ति सूत्र शामिल हैं। इसके साथ-साथ ही इस लिंक पर वाल्मीकि रामायण के सुंदरकांड और बालककांड के संस्कृत अनुवाद को भी यहां अपलोड किया गया है।

ख़बरों के मुताबिक, कानपुर स्थित इस प्रतिष्ठित इंजिनियरिंग कॉलेज (आईआईटी) के डायरेक्टर महेंद्र अग्रवाल और यहां कम्प्यूटर साइंस ऐंड इंजिनियरिंग के प्रफेसर टी वी प्रभाकर ने कॉलेज में हिंदू धार्मिक ग्रंथों की पढ़ाई पर विवाद की खबर को खारिज कर दिया। उनका कहना है कि किसी भी संस्थान में ऐसी शिक्षा ज़रूर देनी चाहिए। इसकी किसी भी प्रकार से आलोचना नहीं करनी चाहिए।

गौरतलब है कि मोदी सरकार शुरु से ऐसे धार्मिक ग्रंथो को संस्थानों में पढ़ाने का ज़ोर दे रही है जिसके कारण लगातार सरकार की आलोचना हो रही है। आरोप लगाया जा रहा है कि सरकार शिक्षा का भगवाकरण कर रही है।

जहाँ एक तरफ़ विश्व विज्ञान कि ओर बढ़ रहा है वहीं दूसरी तरफ़ मोदी सरकार विज्ञान आधारित शिक्षा पर ध्यान न देकर पौराणिक शिक्षा को बढ़ावा देकर देश के युवाओं को पीछे की ओर ले जा रही है।

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