हमेशा की तरह बीजेपी ने गुजरात के शहरों में अपना दबदबा बरकरार रखा है। गुजरात के चार बड़े शहरों (अहमदाबाद, सूरत, वड़ोदरा, राजकोट) में बीजेपी ने 55 सीटों में से 46 सीटों पर जीत दर्ज़ की है।

बीजेपी की इन चार शहरों की जीत को पूरे गुजरात की जीत से जोड़कर नहीं देखा जा सकता। यानि की ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले किसान, दलित, आदिवासी और उपेक्षित समुदायों ने बीजेपी से त्रस्त होकर दिल खोल कर कांग्रेस को वोट किया।

गुजरात में भयंकर बेरोजगारी है लेकिन पूरे गुजरात चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने इसकी कहीं भी बात नहीं की। अब परिणाम भाजपा के पक्ष में आने के बाद गुजरात कैडर के पूर्व आईपीएस संजीव भट्ट ने बेरोजगारी और बेरोजगार युवाओं के ऊपर तंज किया है।

उन्होंने ट्वीट करके कहा, “गुजरात के युवाओं को भाजपा की जीत मुबारक, नौकरीयां तो हैं नहीं, तो अब भजन ही कर लेंगे।”

गुजरात मॉडल को आगे करके पीएम मोदी ने देश के अधिकतर राज्यों में बीजेपी की सरकार बना ली। लेकिन गुजरात मॉडल की राज्य में ही हालत ख़राब शिक्षा बेरोजगार युवा और दलितों अल्पसंख्यकों पर हमले के रूप में मौजूद है।

गौरतलब है की पीएम मोदी ने चुनाव के दौरान कहीं भी गुजरात मॉडल की बात नहीं की।

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