देश में किसान कर्ज़ तले दबे होने के कारण आए दिन आत्महत्या कर रहे हैं। बैंकों का कर्ज़ ना चुका पाने पर बैंक किसानों की ज़मीन तक नीलाम कर देते हैं। लेकिन किसानों की बदहाल स्थिति पर कर्ज़ माफ़ी के नाम पर मोदी सरकार राजनीति कर रही है।

यूपी में किसानों की कर्ज़ माफी के नाम पर उन्हें 2 से 9 रूपए का चेक बंटा गया था। इसके बावजूद मोदी सरकार लगातार उद्योगपतियों को फाएदा पहुंचाते हुए उनके लोन माफ़ कर रही है।

आम आदमी पार्टी के ग्रेटर कैलाश से विधायक सौरभ भारद्वाज ने मोदी सरकार इस फैसले को लेकर तंज किया है। उन्होंने ट्वीट करके कहा कि “प्रिय ग्राहक, आपके बैंक खाते में जमा सारी राशि हड़प ली गयी है। राष्ट्रनिर्माण के लिए कुछ अत्यंत ग़रीब उद्योगपति आपके सदा आभारी रहेंगे।”

बता दें कि भारत के सरकारी बैंकों ने वित्तीय वर्ष 2017-18 की पहली छमाही में बड़े उद्योगपतियों द्वारा लिए गए 55 हजार 356 करोड़ रुपये के लोन को ठंडे बस्ते में डाल दिया है। ये खुलासा इंडियन एक्सप्रेस द्वारा आरबीआई से सूचना के अधिकार के तहत ली गई जानकारी से हुआ है।

विजय माल्या के ऊपर भी लगभग 9 हज़ार करोड़ का कर्ज़ है जिसे बिना चुकाए वो विदेश भाग गया। ऐसे ही गौतम अदानी और अम्बानी जैसे उद्योगपतियों के कर्ज़ मोदी सरकार माफ़ कर रही है जिससे बैंकों को भारी नुकसान हो रहा है।

बैंकों को यह पता होते हुए भी कि कर्ज़ माफ़ करने से उन्हे नुकसान होगा लेकिन फिर भी बैंक सरकार के दबाव में ऐसा कर रहे हैं।

Loading...
loading...