राष्ट्रपति चुनाव को निजी लड़ाई की जगह विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने विचारधारा की लड़ाई कहा था। 17 पार्टियों का समर्थन हासिल कर मीरा कुमार जोरशोर से अपने प्रचार में भी जुट गई थी। लेकिन वोटिंग वाले दिन 17 पार्टियों का ये महागठबंधन फ्लॉप साबित होता हुआ दिखाई दिया। मीरा कुमार हारी हुई लड़ाई लड़ती लग रही हैं। एनडीए प्रत्याशी रामनाथ कोविंद की जीत पहले से ही लगभग तय लग रही थी। लेकिन वोटिंग के दिन कई जगह पर हुई क्रॉस वोटिंग से विपक्ष को करारा झटका लगा है। अपनों ने ही खुलेआम मीरा के खिलाफ वोट करने का ऐलान कर दिया। लग रहा है कि इस चुनाव का औपचारिकता से ज़्यादा कोई मतलब भी नहीं हैं।

कोविंद पर सपा भी हुई ‘मुलायम ‘

समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव और उनके भाई शिवपाल सिंह यादव ने भी कह दिया कि मीरा कुमार का नाम तय करते वक़्त उनसे राय नहीं ली गई। इसलिए मुलायम सिंह यादव और कई पार्टी विधायक NDA उम्मीदवार के पक्ष में वोट करेंगे।

त्रिपुरा में ‘तृणमूल ‘ विधायकों ने दिया BJP का साथ

त्रिपुरा से तृणमूल कांग्रेस के 6 विधायकों ने रामनाथ कोविंद का समर्थन किया। त्रिपुरा के तृणमूल कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष आशीष साहा ने ऐलान किया कि हम CPM के साथ एक स्टेज पर नहीं आएंगे इसलिए हम NDA प्रत्याशी को वोट करेंगे।

पंजाब में AAP में भी फुट

AAP दिल्ली हाईकमान ने भले ही पार्टी विधायकों को मीरा कुमार के पक्ष में वोट करने को कहा हो, लेकिन पंजाब में आम आदमी पार्टी विधायक हरविंदर सिंह फूलका ने साफ़ कह दिया कि वो कांग्रेस उम्मीदवार का कतई साथ नहीं देंगे। वही पंजाब में आप के सहयोगी दल लोक इन्साफ पार्टी ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से मुलाकात कर खुले तौर पर कोविंद को समर्थन देने की घोषणा की।

NCP ने मानी हार

एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि, एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद भारी मतों से जीतेंगे ।

आपको बता दे कि, देश के अगले महामहिम को चुनने के लिए 776 सांसद, 4120 विधायक वोट कर रहे है। कुछ अयोग्य सदस्यों को न गिने तो इसबार कुल 4,895 वोटर है।

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