भारतीय जनता पार्टी के सांसद और अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा जितने लोकप्रिय अपने डायलोग ‘खामोश’ के लिए हैं उतने ही लोकप्रिय आजकल बीजेपी को लेकर दिए अपने बयानों को लेकर हो रहे हैं।

शत्रुघ्न सिन्हा को वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और यशवंत सिन्हा के खेमे का माना जाता है इसीलिए इस समय बीजेपी के खिलाफ मुखर होकर बोल रहे हैं। सिन्हा ने कांग्रेस नेता मनीष तिवारी की किताब ‘Tidings of troubled times’ पर चर्चा के दौरान कांग्रेस की तारीफ़ की।

जब शत्रुघ्न सिन्हा से पूछा गया कि आप अर्थव्यवस्था पर कैसे बोल सकते हैं तो हाज़िर जवाबी शत्रुघ्न ने कहा कि “एक टीवी एक्ट्रेस (स्मृति ईरानी) मानव संसाधन मंत्रालय, एक वकील (अरुण जेटली) देश की अर्थव्यवस्था चला सकते हैं और एक चाय वाला प्रधानमंत्री हैं तो मैं अर्थव्यवस्था पर क्यों नहीं बोल सकता?

अपनी ही पार्टी में उपेक्षा झेल रहे शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी किताब ‘Anything but khamosh’ को कोट करते हुए कहा कि “इंदिरा गाँधी देश की सबसे बेहतरीन प्रधानमंत्री थीं। वो मुझे बहुत चाहती थीं और उनका आशीर्वाद मुझे हमेशा मिलता रहा। आज अगर इंदिरा गाँधी जिंदा होती तो शायद मैं कांग्रेस में होता।

इतना ही नहीं उन्होंने आगे कहा कि मैं सोनिया और राहुल गाँधी की भी तारीफ़ करता हूँ और कांग्रेस में टैलेंट की भरमार है वहां व्यक्तिगत तौर पर कई विद्वान लोग मौजूद हैं। उन्होंने कहा अभी चुनाव का वक्त है इन बातों पर चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है।


शत्रुघ्न सिन्हा ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री को यह सोचना चाहिए कि आज अगर हमारी पार्टी के वरिष्ट नेता उनके साथ नहीं हैं, तो वो क्यों उनके साथ नहीं हैं? क्या उन्होंने कभी उन्हें मानाने की कोशिश की? उनका इशारा आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा की ओर था।

आपका बता दें शत्रुघ्न ने केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों पर तंज करते हुए कहा कि नोटबंदी और जीएसटी सरकार का गलत फैसला था, और यह जल्दबाजी में फैसला लिया गया। जबकि देश में इतने विद्वान लोगों ने नोटबंदी और जीएसटी को लेकर सलाह दी थी । लेकिन सरकार ने उनकी नहीं सुनी जिसका खामियाजा आज देश की जनता भुगत रही है।

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