देश में किसानों के प्रति सरकार की बेरुखी दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। देश के अन्नदाता के पक्ष में आवाज़ उठाने के लिए सामाजिक कार्यकर्ता से लेकर नेताओं तक पर करवाई की जा रही है। महराष्ट्र के अकोला में सोमवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा को किसानों के प्रति सरकार की बेरुखी का विरोध करने के लिए हिरासत में ले लिया गया।

यशवंत सिन्हा पिछले काफी समय से भाजपा की किसान विरोधी नीतियों और आर्थिक नीतियों का विरोध कर रहे हैं। अकोला में वो विदर्भ के कपास उत्पादक किसानों के आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे। सिन्हा की मांग फर्जी कपास की कंपनियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की थी। बता दें, कि महराष्ट्र में भाजपा की ही सरकार है।

अकोला के ज़िला पुलिस अधीक्षक राकेश कालासागर ने बताया, ‘हमने बंबई पुलिस कानून की धारा 68 के प्रावधानों के तहत ज़िला कलेक्ट्रेट के बाहर करीब 250 किसानों के साथ सिन्हा को हिरासत में लिया। ’ आईपीएस अधिकारी ने कहा कि हिरासत में लिये गये लोगों को अकोला ज़िला पुलिस मुख्यालय मैदान ले जाया गया।

किसानों द्वारा किए जा रहे प्रदर्शन में सिन्हा ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि वह किसानों से किए अपने वादे भूल चुकी है। सिन्हा ने कहा था कि जैसे फौजी बॉर्डर पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हैं, ठीक वैसे ही किसानों को भी सरकार के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करनी चाहिए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।

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