उत्तर प्रदेश से लेकर दिल्ली तक दलित छात्र दिलीप सरोज की मौत पर हंगामा मचा हुआ है। निर्मम और नृशंक तरह से एक छात्र को जातीय नफरत की वजह से मार दिया गया।

दिलीप सरोज इलाहाबाद में एलएलबी का छात्र था। गरीब परिवार से ताल्लुक रखता था। जिसको सिर्फ पैर छू जाने की वजह से दंबगों ने ईट-डंडों से पीट-पीटकर मार डाला।

आज इलाहाबाद के वालसन चौराहा पर सैकड़ों लोगों ने दलित छात्र की हत्या का विरोध किया। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की पूर्व अध्यक्ष व समाजवादी पार्टी नेता रिचा सिंह ने बोलता हिंदुस्तान से बात करते हुए कहा कि, जब दंगाई सत्ता में आते हैं तो इलाहाबाद में दिलीप बर्बरता का शिकार होता है, कासगंज में चंदन गोली का शिकार होता है और प्रतापगढ़ में राबिया के अमानवीयता की शिकार होती है।

दरअसल यूपी के कासगंज में चंदन गुप्ता की मौत हो गई थी। वहीं प्रतापगढ़ में राबिया को गुंडों ने मार दिया।

गुंडों ने राबिया के साथ रेप करने की कोशिश की जब वह कामयाब नहीं हो पाए तो उन्होंने राबिया को बुरी तरह पीट-पीटकर मार डाला।

आपको बता दें कि, इस समय योगीराज में कानून व्यवस्था पूरी तरह ठप्प हो चुकी है। गुंडों के आतंक में प्रदेशवासी जी रहे हैं। योगी सरकार चुनावों में व्यस्त है।

 

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