दिल्ली से सटे नोएडा में यूपी पुलिस पर एक शख्स को फर्जी मुठभेड़ में गोली मारने का आरोप लगा है। पुलिस की गोली का शिकार जितेंद्र यादव के परिवार वालों का कहना है कि यूपी पुलिस ने फेक एनकाउंटर में उसे गोली मारी है।

जानकारी के मुताबिक, आज कल उत्तर प्रदेश में ताबड़तोड़ हो रहे एनकाउंटर में अपराधियों के साथ-साथ बेकसूर को भी बलि का बकरा बना रहे हैं। दरअसल इनाम और प्रमोशन के लालच में सरकार की तरफ से मिली छूट के बाद पुलिस वालों में एनकाउंटर को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिल रहा है।

आलम यह है कि पिछले 14 घंटे में 8 मुठभेड़ हुए और 14 अपराधी गिरफ्तार किए गए। नोएडा के जिम ट्रेनर जीतेन्द्र यादव पहला व्यक्ति नहीं है जो इस फर्जी एनकाउंटर का शिकार हुआ। इससे पहले नोएडा के सुमित गुर्जर एनकाउंटर पर भी सवाल खड़े हुए थेय़

सुमित एनकाउंटर मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पिछले साल 5 अक्टूबर को सरकार को नोटिस भेजकर जवाब तलब किया गया था। पुलिस पर आरोप है कि 3 अक्टूबर की रात सुमित को पुलिस ने उठाया और फर्जी एनकाउंटर में उसे मार गिराया।

अब जीतेन्द्र यादव एनकाउंटर में भी यह बात सामने आ रही है। कहा जा रहा है कि प्रमोशन के लालच में इस एनकाउंटर को अंजाम दिया गया। हालांकि मामले में एसएसपी लव कुमार ने दरोगा विजय दर्शन को गिरफ्तार करने के साथ सभी चारों को निलंबित कर दिया है।

सपा प्रवक्ता पंखुड़ी पाठक ने इस मामले में ट्वीट करते हुए कहा कि ‘अखिलेश यादव पीड़ित के परिवार से बात करके मदद देने का आश्वासन दिया | और कहा कि यह मुद्दा हम सांसद में भी उठाएंगे।

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