देश में पहली बार सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जजों ने मीडिया को संबोधित किया। सुप्रीम कोर्ट के 4 जजों ने शुक्रवार को ऐतिहासिक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। शायद ही इससे पहले कभी सुप्रीम कोर्ट के जजों ने कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। ये जज हैं जस्टिस चेलामेश्वर, जस्टिस रंजन गोगाई, जस्टिस मदन भीमराव और जस्टिस कुरियन जोसेफ। इस दौरान जजों ने न्यायपालिका के कामकाज पर सवाल उठाए।

यह प्रेस वार्ता जस्टिस चेलामेश्वर के घर पर हुई। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद नंबर दो की हैसियत रखने वाले जस्टिस चेलामेश्वर ने कहा कि न्यायपालिका के इतिहास में यह घटना ऐतिहासिक है। चेलामेश्वर ने कहा कि पिछले 2 महीने से सुप्रीम कोर्ट का प्रशासन ठीक से नहीं चल रहा है। चेलामेश्वर ने इस तरह चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कामकाज पर ही सवाल उठा दिए।

गौरतलब है कि माननीय मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा को लेकर कुछ दिन पहले भी विवाद हुआ था। मशहूर सुप्रीम कोर्ट वकील प्रशांत भूषण ने मुख्य न्यायधीश पर सवाल उठाए थे।

उन्होंने कहा कि अगर हमने देश के सामने ये बातें नहीं रखी और हम नहीं बोले तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। हमने चीफ जस्टिस से अनियमितताओं पर बात की।

उन्होंने बताया कि चार महीने पहले हम सभी चार जजों ने चीफ जस्टिस को एक पत्र लिखा था। जो कि प्रशासन के बारे में थे, हमने कुछ मुद्दे उठाए थे। उन्होंने कहा कि वह उस पत्र सार्वजनिक करेंगे।

जजों ने कहा कि चीफ जस्टिस पर देश को फैसला करना चाहिए, हम बस देश का कर्ज़ अदा कर रहे हैं। हम नहीं चाहते कि हम पर कोई आरोप लगाए। ‘कल को कोई यह न कह दे कि हमने अपनी आत्मा बेच दी है।’ जजों ने कहा कि जब तक इस संस्था को बचाया नहीं जा सकता, लोकतंत्र को नहीं बचाया जा सकता।

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