जीएसटी क्या नुकसान हुआ जो भी हुआ है आने वाले समय के लिए अच्छा हुआ है। ये शब्द हर वो शख्स बोलता हुआ नज़र आता है जिसके लिए जीएसटी सिर्फ एक टैक्स है जो उसपर थोप दिया गया है। मगर उन लाखों कारोबारियों का क्या जिन्हें जीएसटी लागू होने के बाद आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा रहा है। जीएसटी के बाद कोई कारोबारी सत्ताधारियों के दफ्तर में ज़हर खा लेता है तो कोई परिवार समेत मौत को गले लगा लेता है।

ताजा मामला वाइब्रेंट ‘गुजरात’ के सूरत का है जहां एक कारोबारी ने अपनी पत्नी और 4 साल के बच्चें समेत 12वी मंजिल से कूद गया। इसकी वजह कपड़ा कारोबारी विजय चतुरभाई वघासिया ने अपने सुसाइड नोट बयान की अपनी सुसाइड नोट में उसने लिखा –

सुबह टहलने के लिए बनाई खुदखुशी की योजना और कूद

विजय के चचेरे भाई गौरव वघासिया ने बताया, ”सुबह करीब 6 बजे भाई-भाभी और भतीजा वॉक के लिए निकले थे। मैं भी उनके साथ था। नीचे उतरने के बाद भाई ने मुझसे कहा कि पानी की बोतल भूल गया हूं, लेकर आओ। मैं जब बोतल लेकर वापस लौटा तो विजय भाई और भाभी गायब थे।

मैं उन्हें खोजने लगा तभी कुछ गिरने की आवाज आई। देखा तो जमीन पर विजयभाई, रेखा भाभी और वीर खून से लथपथ पड़े थे। विजयभाई की जेब से सुसाइड नोट मिला है।

”मैं और मेरा परिवार कर्ज और ब्याज के बोझ से अब तंग आकर आत्महत्या कर रहा है। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। मेरी अपील है कि मेरे परिजनों को परेशान न किया जाए। मैं अपने परिवार को कुछ न दे सका, इसलिए मुझे खेद है। संभव हो तो मुझे माफ कर देना।

‘पिता जी घर संभालना, आप चिंता मत करना। मुझसे बर्दाश्त न होने की वजह से अब मैं किसी को कुछ नहीं कह पा रहा हूं। इसी वजह से मैं यह कदम उठा रहा हूं। जिस चीज के लिए मैं लगातार 7 साल से संघर्ष कर रहा था उसे हासिल नहीं कर सका, इसलिए यह कदम उठा रहा हूं।

सरकार के किसी भी जल्दबाजी वाले फैसले से आम जनता की जिंदगी पर क्या असर पड़ता है इसका अंदाज़ा विजय और उसके परिवार की मौत से लगाया जा सकता है। जिसे कहा तो खुदखुशी जायेगा मगर मौत का कारण ‘जीएसटी’ बना है।

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