Tuesday, Jan 17, 2017
HomePosts Tagged "ravish kumar"

भारतीय राजनीति में मुक्त राजनीति का प्रतिपादन बीजेपी ने किया है। कांग्रेस मुक्त भारत। मगर मुक्त के चक्कर में बीजेपी कांग्रेस युक्त होती जा रही है। उत्तराखंड में यशपाल आर्या, उनके बेटे और रिश्तेदार को कांग्रेस से बीजेपी में लाकर टिकट दे दिया। तीन विधानसभाओं

Read More

खादी ग्रामोद्योग के कैलेंडर में चरख़ा चलाते हुए प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर पर छपी एक भी ख़बर हेडलाइन से आगे नहीं पढ़ी. मुझे पता है कोई गांधी नहीं बन सकता. जो भी गांधी को जानता है, उसे पता होना चाहिए कि यह संभव ही नहीं

Read More

आसमान का रंग नीला. बाहर ठंडी हवा है. हवा की दिशा पश्चिम की तरफ. नई गेंद स्विंग होगी. पुरानी होते ही गूगलम गूगली के लिए खतरनाक हो जाएगी. हवा भरोसे के लायक नहीं है. झूठ की ख़ुश्की है. मौसम का अनुमान सही साबित होता लग

Read More

बहन जी को आने दो। क्या यूपी चुनाव के लिए बसपा का यही नारा होने वाला है? यूपी चुनाव के लिए बसपा की यह प्रचार सामग्री तो ज़बरदस्त है। किसी दक्ष मार्केटिंग टीम की बनाई लगती है। इसकी पुष्टि नहीं कर सकता कि आधिकारिक है

Read More

आज के इंडियन एक्सप्रेस के पहले पन्ने की चर्चा करना चाहता हूं। अक्सर इस अख़बार की कई ख़बरों में,उनकी प्रस्तुति में पत्रकारिता के बुनियादी श्रम की झलक मिलती है। मैं सर्वोत्तम कहने का अधिकार नहीं रखता मगर फिर भी यह अख़बार अपनी सीमाओं में एक

Read More

व्हाट्स अप के गुप्त संसार में कोई तो है जो मेरे नाम से अनाप-शनाप मैसेज बनाकर फैलाता रहता है। ये शख़्स या समूह प्रधानमंत्री मोदी के विरोध की कुंठा या इच्छा रखता है। ख़ुद अपना चेहरा सामने नहीं रख सकता तो हम जैसों का इस्तेमाल

Read More

उत्तर प्रदेश भाजपा ने प्रवक्ताओं की सूची जारी की है। इसमें चार श्रेणियों के लिए 27 प्रवक्ताओं के नाम हैं।ये श्रेणियाँ हैं,प्रदेश प्रवक्ता,प्रदेश मीडिया संपर्क प्रमुख,प्रदेश मीडिया सहप्रभारी और मीडिया पैनल। प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने अपने दस्तख़त से इन नामों को जारी किया

Read More

आज एक लड़की सेल्फी के लिए ज़िद करने लगी। मैं कई लोगों के साथ सेल्फी खींचाते खींचाते चिढ़ सा गया था। उसे सेल्फी न देने के इरादे से सवाल करने लगा। पहले मेरे सवाल का जवाब दो। मैं कौन हूँ ? कहाँ देखा है? क्यों

Read More

दोस्तों, मैं छुट्टी पर हूँ। रोज़ रात नौ बजे आपमें से किसी न किसी का मैसेज आ जाता है कि आप कहाँ हैं ? मैसेज पढ़ते ही किशोरावस्था का एक भय कौंध जाता है, जब समय पर घर नहीं लौटने पर पिताजी खोजना शुरू कर

Read More

लैला मैं लैला…ऐसी हूँ लैला…हर कोई चाहे…मुझसे मिलना अकेला… इतिहास ही नहीं गाने भी ख़ुद को दोहराते हैं। गाना मुंबई में गाया गया लेकिन दिल्ली में सुनते वक्त ख़्याल यूपी का आता रहा। राजनीति में एक फ़ाइल बनी है । जिसके पन्ने उड़ाते लैला गा रही

Read More