शनिवार को दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में योग गुरु और पतंजलि कंपनी के मालिक बाबा रामदेव के जीवन पर बने टीवी शो ‘स्वामी रामदेव: एक संघर्ष’ का लॉन्च हुआ। ये आयोजन किसी किसी टिवी शो का लॉन्च कम और देश के लिए किसी बड़ी सरकारी योजना के एलान का ज़्यादा लग रहा था।

आयोजन में केंद्र सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली से लेकर कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद और पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन समेत सत्ताधारी पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह तक पहुंचे हुए थे। ये सभी देश को बड़े चहरे हैं जिनके पास अक्सर देश में घटी महत्वपूर्ण और संवेदनशील घटनाओं पर प्रतिकिर्या देने का भी समय नहीं होता है।

बता दें, कि भाजपा पर रामदेव की कंपनी पतंजलि को फायदा पहुँचाने के आरोप लग चुके हैं। हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार ने भी पतंजलि के साथ एक 10,000 करोड़ के बिज़नस अग्रीमेंट यानि एमओयू पर भी हस्ताक्षर किये हैं।

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक राज्य सरकार के दस्तावेजों के अनुसार, भाजपा द्वारा शासित राज्यों में पतंजलि को बाज़ार मूल्य से 77% कम दाम पर ज़मीन दी गई है। इस हिसाब से भाजपा ने रामदेव को ज़मीन खरीद में 300 करोड़ का लाभ पहुँचाया है। 2014 से अब तक पतंजलि ने 2000 एकड़ ज़मीन का अधिग्रहण किया है।

इस आयोजन के बाद रामदेव और भाजपा की नज़दीकियाँ फिर से जगज़ाहिर हो गई। रामदेव ने अमित शाह और अरुण जेटली को अपने दो भाई बताया।

 

फोटो साभार: द इंडियन एक्सप्रेस

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