आपने देश सेवा में पूरा जीवन ही क्यों न बिता दिया हो लेकिन तब भी वर्तमान समय में आप देशभक्त नहीं कहलाएँगे। अब तथाकथित देशप्रेमी होने के लिए आपको साम्प्रदायिक होना पड़ेगा और इसके खिलाफ बोलते ही आप आतंकी साबित होते हैं।

साम्प्रदायिक भावनाएं और दंगे भड़काने में आरोपित उग्र हिन्दू संगठन विश्व हिन्दू परिषद् ने देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के जिहादियों के साथ संबंधों की जांच की मांग की है।

वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने बयान जारी कर कहा कि अंसारी पद पर रहते हुए भी अपने भाषणों से मुस्लिम समाज में असंतोष पैदा कर रहे थे और अप्रत्यक्ष रूप से आतंकियों के अजेंडे को ही लागू कर रहे थे।

जैन ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट, सिमी का ही नया और विस्तृत रूप है, जिसके कार्यक्रम में हामिद अंसारी गए थे। वीएचपी नेता ने कहा कि अंसारी के जेहादी संगठनों के साथ संबंधों की तो जांच होनी चाहिए साथ ही इसका पता भी लगाया जाना चाहिए कि पद पर रहते हुए उसका दुरुपयोग कर उन्होंने किन-किन संगठनों और विचारधाराओं को प्रोत्साहन दिया।

उल्लेखनीय है कि अंसारी ने शनिवार को केरल के कोझिकोड में महिलाओं पर आयोजित एक सम्मेलन में हिस्सा लिया था। ‘द रोल ऑफ वुमन इन मेकिंग अ ह्यूमन सोसायटी’ शीर्षक वाले इस सम्मेलन का आयोजन नई दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ऑब्जेक्टिव स्टडीज ने नैशनल वुमन फ्रंट (एनडब्ल्यूएफ) के साथ मिलकर किया था। एनडब्ल्यूएफ पीएफआई की महिला शाखा है। पीएफआई पर युवाओं को आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट में भर्ती करने के आरोप लगते रहे हैं।

बता दे, हामिद अंसारी 40 वर्षों तक राजनयिक के रूप में देश की सेवा कर चुके हैं। इसके बाद वो 10 साल तक उपराष्ट्रपति रहे। इसके अलावा 1984 सिख विरोधी दंगे और 2002 गुजरात दंगे के पीड़ितों को मुआवज़ा दिलाने में हामिद अंसारी की बड़ी भूमिका रही है। उन्हें 1984 में पदमा श्री से भी नवाज़ा जा चुका है।

Loading...
loading...