करीब 8 महीने से एक माँ लगातार रोए जा रही है। अपने बच्चे से दूर रहने का ग़म औऱ अपने बच्चे के सुरक्षित रहने की चिंता उसे सता रही है। न पुलिस जाग रही है न सरकार। दर-दर भटककर लोगों ने मदद की गुहार लगा रही है।

लोगों से इस उम्मीद में मिल रही है कि शायद उसका होनहार बेटा कोई उसे लाकर दे दे। लेकिन हर उम्मीद से इस मां को नाउम्मीद होना पड़ रहा है।

देश की राजधानी स्थित जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएऩयू) से एक छात्र लापता हो जाता है। उसे लापता हुए 8 महीने भी बीत जाते हैं। फिर भी पुलिस से लेकर सीबीआई सबके हाथ खाली रहते हैं। ऐसा होना एक इत्तेफ़ाक सा ही लगता है।

आज कई महीनों बाद नजीब को सुरक्षित वापस लाने की लड़ाई फिर से शुरू की गई है। इसमें नजीब की बहन सदफ़ इरशाद ने सबसे आगे आकर कहा कि, हमें अपना नजीब वापस चाहिए हर हालत में इसके लिए हमने अभी हिम्मत नहीं हारी है न हारेंगे।

नजीब के लिए लड़ाई लड़ने वालों में मां फातिमा के बाद बहन सदफ़ भी काफी आगे रही है। वह अपने भाई के बारे बताती है तो कहती है कि, मेरा भाई ऐसा था जिसकी आदतों को देखकर हर मां कहेगी मुझे नजीब जैसा बेटा मिले।

सदफ़ आगे कहती हैं कि, इस लड़ाई में हमने बहुत कुछ देखा है साथ रहने वाले लोग भी हमारी बातों को शेयर नहीं करते हैं। क्योंकि इन बुरें लोगों से ज्यादातर लोग डरते हैं लेकिन हम सबसे कहना चाहते है डरो मतो क्योंकि आज एक नजीब को डराया गया धमकाया गया कल कई नजीब जैसों को डराया औऱ मारा जाएगा। इसलिए हमें अपना एक नजीब सुरक्षित वापस लाना है और आगे भी ऐसा नहीं होने देना है।

आपको बता दें कि, बीते साल 15 अक्टूबर को जेएऩयू से सांइस स्टूडेंट नजीब अहमद लापता हो गया था। तब से अब तक उस होनहार स्टूडेंट का कोई पता नहीं चला है। मां फातिमा अपने बेटे की सुरक्षित वापसी के लिए लड़ाई लड़ रही है।

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