सामाजिक कार्यकर्ता और स्वराज इंडिया के संयोजक योगेन्द्र यादव मोदी सरकार की तमाम नीतियों की आलोचना करते हुए कहते हैं कि शिक्षा में तो हद से ज्यादा गिरावट आ रही है ।

बोलता हिंदुस्तान को से बात करते हुए योगेन्द्र कहते हैं ‘शिक्षण संस्थाओं का सिर्फ भगवाकरण नहीं बल्कि कूड़ेदान करण कर रही है ये सरकार। ऐसे-ऐसे अयोग्य लोगों को ऊंचे पदों पर बिठा रखा है जिनके बौद्धिक स्तर पर हंसी आती है।

भाजपा की विडंबना यही है कि उसके साथ न तो पहले पायदान का कोई बुद्धिजीवी आना चाहता है न ही दूसरे पायदान का, इसलिए वो तीसरे दर्जे के बुद्धिजीवियों के साथ मिलकर ऊलजुलूल काम रहते हैं।

JNU का जिक्र करते हुए कहते हैं कि जब एक यूनिवर्सिटी का वाइस चांसलर कैंपस में टैंक लाने की बात करता है तो उसकी बुद्धि पर हंसी आती है।

छात्र आंदोलनों पर बात करते हुए योगेंद्र कहते हैं ‘आज के युवाओं में डरने और झुक जाने की प्रवृत्ति नहीं है इसलिए इन तानाशाही शक्तियों के खिलाफ झुकने की बजाय वह लड़ना पसंद करता है। देशभर के अलग-अलग केंपस से आवाजें उठ रही हैं।’

जब ये सामूहिक रूप से एकजुट होते हुए बड़ा आंदोलन छेड़ेंगे तब सरकारों को झुकना पड़ेगा। क्योंकि जब युवा नेतृत्व करने के लिए आता है तो उसका आंदोलन बड़ा परिवर्तन लेकर आता है।

देखें योगेन्द्र यादव से बातचीत की प्रमुख बातें –

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