सीबीआई जज लोया की मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है। इस मामले में लगातार होते नए खुलासे सरकार से संस्थान तक पर शक पैदा कर रहे हैं। ख़बरों के मुताबिक जज लोया की मौत से कुछ दिन पहले उनकी सुरक्षा को हटा दिया गया था।

जानकारी के मुताबिक, 20 नवम्बर 2014 से लेकर 2 दिसम्बर 2014 तक लोया की सुरक्षा को हटा दिया गया था। इसी दौरान 1 दिसम्बर 2014 को जज लोया की मौत हो गई।

ये बात कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने भी बुधवार को की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कही थी। सुरक्षा हटाने के बाद सवाल महाराष्ट्र सरकार पर उठता है। उस समय राज्य में भाजपा की ही सरकार थी।

बता दें कि लोया सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले को देख रहे थे। इस मामले में मुख्य आरोपी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामलें की कार्रवाई गुजरात से बाहर करने का आदेश दिया था जिसके बाद ये मामला सीबीआई अदालत में आया।

यहाँ इस मामले को देख रहे पहले न्यायाधीश उत्पत ने अमित शाह को मामले की कार्रवाई में उपस्थित न होने को लेकर फटकार लगाई थी। लेकिन अगली तारीख से पहले ही उनका ट्रान्सफर हो गया।

इसके बाद बृजगोपाल लोया आये, उन्होंने भी अमित शाह के उपस्थित न होने पर सवाल उठाए और सुनवाई की तारीख 15 दिसम्बर 2014 तय की लेकिन 1 दिसम्बर को ही उनकी मौत हो गई। इसके बाद न्यायधीश एमबी गोसवी आये, जिन्होंने दिसम्बर 2014 के अंत में ही अमित शाह को इस मामले में बरी कर दिया।

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