गाय पर राजनीति करने वाले भले ही इंसानों को कुछ ना समझें, गाय को बचाने के लिए तमाम दावें करें। मगर गोशालाओं में गाय बिना चारे और इलाज के आभाव में मरने को मजबूर हैं। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में स्थित एक गोशाला में बीते 2 महीने के दौरान 200 गाय मर गई हैं।

मामला ग्रेटर नोएडा के एकोटेक-3 इलाके की है। जहाँ जलपुरा गाँव में गऊलोक नाम की गौशाला है। यह गौशाला 9 एकड़ में फैली है और इसका संचालन दस साल पहले ‘ग्रेटर नोएडा इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट ऑथोरिटी’ की थी, अब ‘गोरस’ नाम की संस्था भी इससे जुड़ गई है। इस गौशाला में ज़्यादातर गाएं आवारा हैं जिन्हें आसपास के इलाकों से पकड़कर यहाँ लाया गया था।

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गौशाला में इतनी बड़ी संख्या में मरने की वजह गायों का बीमार होना और उनके लिए पर्याप्त मात्रा में चारे का इन्तजाम नहीं होना है। ये सिर्फ ग्रेटर नोएडा के गौशाला का हाल नहीं है पिछले साल लखनऊ में भी सही इलाज और चारे के अभाव में 250 गाएं मर गई थीं।

देश में गाय बचाने के लिए पिछले पांच सालों में क्या कुछ नहीं हुआ। यूपी में योगी सरकार आने के बाद स्लॉटर हाउस को बंद करवा दिया गया। गायों के लिए सरकार ने अलग से फंड जारी किया, जिससे की उनकी देखभाल हो सके। लेकिन, स्थिथि जस की तस बनी हुई है। गाय के नाम पर दादरी में अखलाख और अलवर में पहलू खान को भीड़ द्वारा मार दिया गया।

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बता दें कि पिछले बीते सालों में जितनी लिंचिंग हुई है उससे पहले शायद ही गोहत्या के मामले में इतनी हत्या हुई हो।

यूपी के दादरी में अखलाक की हत्या हो फिर बुलंदशहर में पुलिस अधिकारी को गोली मार के बेरहमी से मार देना इन सभी मामलों में एक बात रही है वो थी इसका गाय से जुड़ा रहना। मगर, बेजुबान गाय देखभाल के बिना खुद मरने के लिए छोड़ दी गई हैं।

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