लोकसभा चुनाव से पहले हरदोई से BJP के मौजूदा सांसद अंशुल वर्मा (Anshul Verma) ने इस्तीफा दे दिया है। हैरान करने वाली बात ये है कि उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी अध्यक्ष या फिर प्रदेश अध्यक्ष को नहीं बल्कि बीजेपी दफ्तर के चौकीदार को अपना इस्तीफा दिया है। इसके बाद अंशुल सपा दफ्तर गए और अखिलेश यादव की मौजूदगी में समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए।

दरअसल बीते कई दिनों से बीजेपी से नाराज़ चल रहें अंशुल वर्मा BJP पार्टी के प्रदेश दफ्तर से निकले और कहा कि विकास किया है, विकास करेंगे, अंशुल थे अंशुल ही रहेंगे, चौकीदार न कहेंगे।

साथ पीएम मोदी की चौकीदार मुहीम को ठुकराते हुए उन्होंने कहा आजकल सबसे जिम्मेदार तो चौकीदार ही है, तो हमने सोचा उसे ही अपना इस्तीफा क्यों ना दिया जाए। धनकुबेर चौकीदार को इस्तीफा देने का कोई मतलब ही नहीं था।

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BJP में यूपी की कुछ सीटों में फेरबदल किया है जिनमें एक हरदोई सीट भी है इस बार बीजेपी ने अंशुल की जगह जय प्रकाश वर्मा को टिकट दिया है। जिससे नाराज़ होकर उन्होंने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।

सांसद ने कहा कि अगर विकास ही मानक था तो 24 हजार करोड़ रुपए लगाने की और विकास को आखिरी पायदान से चौथे पायदान पर लाने की सजा मिली है। पार्टी से नाराजगी जाहिर करते हुए बोले कि सदन में मेरी उपस्थिति 95 प्रतिशत रही है, इसमें मेरा दोष कहां था यह समझ से परे है।

बता दें कि पिछली बार लोकसभा अंशुल वर्मा ने 37.05 प्रतिशत के साथ 3,60,501 वोट हासिल किये थे। वहीं इस बार महागठबंधन के सपा खाते में आई है और समाजवादी पार्टी ने यहां से एक बार फिर ऊषा वर्मा को चुनावी मैदान में उतारा है जो पिछले चुनाव में 28.42 फीसद वोट के साथ तीसरे नम्बर पर रही थी, उन्होंने कुल 2,76,543 वोट हासिल किये थे। बसपा प्रत्यासी SP वर्मा ने 2,79,158 लाख वोट हासिल किए थे ।

इस हिसाब से भी गठबंधन के बाद भाजपा की स्थिति वहां कमजोर दिखाई दे रही है।

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