पारदर्शी चुनावों को लेकर कांग्रेस, सपा, बसपा सहित देश की 21 राजनीतिक पार्टियों के सामूहिक प्रयास क बावजूद कोई बड़ी राहत नहीं दिख रही है।

भले ही सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव के परिणामों को ईवीएम और VVPAT के मिलान को पांच गुना बढ़ाने का आदेश दे दिया है मगर 125 बूथों के 50% VVPAT मिलान की विपक्ष की मांग नहीं मानी गई है।

21 राजनीतिक पार्टियों की याचिका को सुनने के बाद शीर्ष कोर्ट ने निर्वाचन आयोग को लोकसभा चुनाव में हर विधानसभा क्षेत्र में एक बूथ से बढ़ाकर पांच बूथों की वीवीपैट पर्चियों की औचक जांच का निर्देश दिया है।

कोर्ट ने कहा कि वह मतदाताओं के विश्वास और चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता को ध्यान में रखकर वीवीपैट पर्चियों की जांच वाले नमूने बढ़ा रहा है। वहीं चुनाव आयोग ने भी शीर्ष कोर्ट के इस आदेश को सिर आंखों पर लिया है और आयोग ने कहा है कि वह वीवीपैट की पर्चियों के मिलान को लेकर सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का जल्द से जल्द अनुपालन सुनिश्चित करेगा।

शीर्ष कोर्ट के आदेश के बाद लोकसभा चुनाव-2019 के अंतिम परिणाम को आने में 2 दिनों का समय लग सकता है।

4 हजार की जगह अब 20 हजार वीवीपैट का होगा मिलान

अभी आयोग विधानसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र में और लोकसभा चुनाव में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के एक मतदान केंद्र में इस प्रकिया का पालन करता था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब हर विधानसभा क्षेत्र में एक के बजाय पांच बूथों पर ईवीएम-वीवीपैट का औचक मिलान करना होगा। अभी तक चुनाव आयोग 4 हजार 125 ईवीएम और वीवीपैट के मिलान कराता था, लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद यह बढ़कर 20 हजार 625 ईवीएम और वीवीपैट किया जाएगा।

6.75 लाख ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से मिलान की थी मांग

आपको बताते चलें कि 21 राजनीतिक दलों ने लगभग 6.75 लाख ईवीएम की वीवीपैट पर्चियों से मिलान की मांग की थी। 21 विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि 125 बूथों की 50 फीसदी ‘वीवीपैट’ पर्चियों की गिनती किए जाने पर लोकसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा में छह दिनों की देर होने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि यह कोई ‘गंभीर विलंब’ नहीं है, बशर्ते कि यह चुनाव प्रक्रिया की पवित्रता सुनिश्चित करती हो।

 वीवीपैट मशीन क्या है

वोटर वेरीफाइड ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) मशीन ईवीएम से जुड़ी होती है। जब मतदाता ईवीएम पर बटन दबाता है तब वीवीपैट मशीन से एक पर्ची निकलती है जिस पर उस पार्टी का चुनाव निशान और उम्मीदवार का नाम होता है जिसे मतदाता ने वोट दिया होता है। मतदाता को सात सेकेंड तक दिखने के बाद यह वीवीपैट मशीन में एक बक्से में गिर जाती है।

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