विंग कमांडर अभिनंदन की पाकिस्तान से भारत वापसी पर अब बीजेपी की तरफ से सियासत शुरू हो गई है। एयरस्ट्राइक पर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा के बयान के बाद केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पाकिस्तान से अभिनंदन की रिहाई पर बोलते हुए कहा है कि,

“स्वयंसेवक के पराक्रम को इसका श्रेय जाता है कि, ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) को आज इस बात पर गर्व होगा कि भारत का बेटा एक स्वयंसेवक के पराक्रम के चलते 48 घंटे के अंदर ही भारत लौट आया।’

स्मृति ईरानी का इशारा साफ़ तौर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तरफ था। क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी बीजेपी में आने से पहले संघ के प्रचारक थे। तभी ईरानी बहादुर अभिनंदन पर गर्व करने के बजाए प्रधानमंत्री पर गर्व कर रही हैं।

स्मृति ईरानी बोलीं- राजनीति में मोदी नहीं तो मैं भी नहीं, अलका बोलीं- मेरी राजनीति की उम्र हो इतनी साहेब, तेरे नाम से शुरू तेरे नाम पे ख़त्म

निःसंदेह अभिनंदन की वतन वापसी भारत सरकार की कूटनीति का नतीजा है। लेकिन एक केंद्रीय मंत्री जो केंद्र सरकार का हिस्सा हैं उनके मुँह से सरकार की बात न करते हुए सरकार की कूटनीति पर बात न करते हुए वो आरएसएस को सारा श्रेय दे रहीं हैं।

ईरानी के द्वारा आरएसएस को अभिनंदन की रिहाई पर सारा श्रेय देना, पूरे भारत का अपमान है। क्योंकि स्मृति ईरानी को पता होना चाहिए कि मोदी सरकार को सत्ता पर जनता ने बैठाया है न की आरएसएस ने!

बता दें कि शुक्रवार को बीजेपी नेता सुधांशु मित्तल द्वारा लिखी गई किताब ‘आरएसएस: बिल्डिंग इंडिया थ्रू सेवा’ के लोकार्पण समारोह में स्मृति ईरानी बोल रही थीं। इस मौके पर सह सरकार्यवाहक दत्तात्रेय होसबेले भी मौजूद थे।

युद्ध की मांग करने वालों को शहीद की पत्नी ने लगाई लताड़, कहा- जंग का शौक़ है तो ख़ुद बॉर्डर पर जाएं

स्मृति ईरानी के इस बयान के बाद ट्वीटर पर एक यूजर ने लिखा है कि, “सारे स्वयंसेवकों को बॉर्डर पर भेज देना चाहिए, हमारी सेना के जवान सीमा पर कम से कम सुरक्षित तो रहेंगे।”

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here