पुलवामा हमले के बाद से देशभर में कश्मीरी लोगों के ख़िलाफ हिंदुत्ववादी संगठन के कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी देखने को मिल रही है। ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से सामने आया है। यहाँ ‘विश्व हिंदू दल’ के कार्यकर्ताओं ने ड्राइ फ्रूट्स बेच रहे दो कश्मीरी लोगों को गाली देते हुए मारने पीटने लगे।

बता दें कि, इसी तरह की घटना पिछले साल दिसम्बर महीने में ‘बजरंग दल’ के लोगों द्वारा बुलंदशहर में देखने को मिली थी। जहाँ बजरंग दल के नेता योगेश राज ने यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को दंगा रोकने पर मार दिया था। बुलंदशहर के स्याना में बजरंग दल के लोग दंगा भड़काना चाहते थे, लेकिन सुबोध कुमार ने उन्हें रोक दिया था। इसपर उन्हें गोली मार दी गई थी।

ध्यान देने वाली बात ये है कि बजरंग दल बीजेपी का ही एक अंग है और लखनऊ में कश्मीरियों को मारने-पीटने वाला विश्व हिंदू दल का नेता और हिस्ट्रीशीटर बजरंग सोनकर पहले बीजेपी का कार्यकर्ता रह चुका है।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इन्हीं घटनाओं को लेकर बीजेपी पर जोरदार हमला किया है। अखिलेश ने ट्वीट करके बीजेपी के DNA पर सवाल उठाया है। उन्होंने लिखा है कि, “भाजपा का DNA क्या कहता है? डिस्ट्रॉय नेशन ऑटोमेटिकली।”

अखिलेश ने अपने ट्वीट में सीएम योग आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा, “अगर मुख्यमंत्री के खिलाफ IPC की गंभीर धाराएं हैं तो फिर क्या ताज्जुब है कि सांसद विधायक को बिना झिझक ठोक दे? और फिर क्या ताज्जुब कि कार्यकर्ता गरीब व्यापारी को दिनदहाड़े बेदर्दी से मारे? यह ठोको नीति समाज को तबाह कर देगी।”

अखिलेश यादव इससे पहले भी यूपी पुलिस द्वारा ‘जाति-समुदाय विशेष’ के लोगों के एनकाउंटर किए जाने पर बोल चुके हैं। वो योगी के इस अभियान को ‘ठोको नीति’ बता चुके हैं। जहाँ अखिलेश ने सीएम योगी आदित्यनाथ पर IPC की धारा की बात है की है। बता दें कि जब योगी गोरखपुर के सांसद थे तब उनपर दंगा भड़काना और नफरती बोल जैसे कई केस लग चुके हैं।

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