देशभर में संचार क्रांति लाने वाली भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) अपने बुरे दौर से गुजर रही है। वित्तीय संकट से जूझ रही बीएसएनएल के पास इतना पैसा नहीं है वो कर्मचारियों को उनकी सैलरी दे पाए।

कर्मचारियों की संख्या एक से लेकर 100 तक की होती तो समझ आता है की हो सकता है सरकार के पास इन्हें देने के लिए पैसा नहीं है मगर (BSNL) अपने 1.76 लाख कर्मचारियों को पैसा नहीं दे पा रहा है।

इतिहास में ये पहली बार ऐसा मौका है जब सरकार अपने काम करने वालों लोगों को उनकी मेहनत का पैसा नहीं अदा कर पा रही है। हालाकिं कर्मचारी संघ ने दूरसंचार मंत्री मनोज सिन्हा को पत्र लिखकर जल्द समाधान के लिए कहा है।

अंग्रेजी अख़बार टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार फिलहाल मार्च महीने में सैलरी देने में कुछ दिनों की देरी होगी। सैलरी न मिलने की वजह बताई जा रही है कि आमतौर पर बिजनेस कंपनियों की ओर से बिलिंग भुगतान के बाद पैसा आता है।

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यहां तक कि बीएसएनएल बोर्ड ने बैंक लोन लेने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, लेकिन दूरसंचार विभाग ने अभी तक इसे आगे नहीं बढ़ाया है। बीएसएनएल का घाटा हर साल बढ़ता जा रहा है। इसने वित्त वर्ष 18 के लिए लगभग 8,000 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया, जबकि वित्त वर्ष 17 में यह 4,786 करोड़ रुपये था।

बीएसएनएल की करीब 55 फीसदी आमदनी वेतन के भुगतान में जाती है। वहीं, कंपनी का वेतन बिल सालाना 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है।

इस मामले पर संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बीएसएनएल (एयूएबी) के सभी यूनियनों और एसोसिएशनों के एक पत्र में कहा, अन्य टेलीकॉम ऑपरेटरों भी वित्तीय संकट का सामना किया जा रहा है, लेकिन ये कंपनियां निवेश कर स्थिति को मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं।

इससे पहले दूरसंचार क्षेत्र की सरकारी कंपनी BSNL के कर्मचारियों ने अब मोदी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा था कि केंद्र की मोदी सरकार मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को संरक्षण दे रही है।

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यूनियन ने दावा किया है कि केंद्र सरकार ने BSNL को 4 जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम का आवंटन इसलिए नहीं किया है ताकि वह देश में अपने पैर पसार रही रिलायंस जियों के रास्ते में बाधा ना बन सके। यूनियन ने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि BSNL 4जी सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम की मांग लंबे वक्त से करती आ रही है। लेकिन सरकार ने उसकी एक नहीं सुनी।

यूनियन ने कहा है कि जियो भारत के दूरसंचार क्षेत्र में पूरी तरह कब्जा करने के बाद अपनी दरों में जोरदार बढ़ोतरी करेगी और जनता को लूटेगी।

साथ ही ये भी ऐलान किया है कि मोदी सरकार और मुकेश अंबानी की इस दोस्ती के खिलाफ वह 3 दिसंबर 2018 से अनिश्चितकालीन हड़ताल करेंगे। मोदी सरकार जियो को खुले आम संरक्षण दे रही है। इसके खिलाफ अब हम चुप नहीं बठ़ेंगे।

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