किसान आंदोलन भाजपा के लिए बड़ी मुसीबत बनता जा रहा है। विपक्षी पार्टियों के विरोध के साथ अब सहयोगी पार्टियां भी भाजपा के खिलाफ हो रही हैं।

राजस्थान में एनडीए की सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल ने हाल ही में यह ऐलान किया है कि वह किसानों के समर्थन में भाजपा से अपना गठबंधन तोड़ रहे हैं।

बीते दिन तमिलनाडु में भी भाजपा की सहयोगी एआईएडीएमके ने पार्टी को अलग होने की चेतावनी दे डाली है। अब खबर सामने आ रही है कि उत्तर प्रदेश के मीरापुर से भाजपा के विधायक अवतार सिंह भड़ाना ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए भाजपा नेता अवतार सिंह भड़ाना ने विधानसभा की सदस्य्ता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को सौंप दिया। हालांकि उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।

विधानसभा स्पीकर का कहना है कि जब तक पार्टी द्वारा उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाता। तब तक वह भी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं करेंगे।

इस कड़ी में भाजपा नेता अवतार सिंह भड़ाना ने कहा है कि अब हमने ठान लिया है कि या तो मरना है और या तो मार गिराना है। भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मैं राजनीतिक पार्टी और अन्य दलों को अपनी ठोकर पर रखता हूं।

भाजपा नेता ने कहा है कि मैं किसान का बेटा हूं। मेरे लिए राजनीतिक दल मायने नहीं रखते हैं। ये देश के किसानों की हक की लड़ाई हैं। इसमें मैं अपना सर तक कटवाने के लिए तैयार हूं।

यह किसान आंदोलन शहीद भगत सिंह की धरती से शुरू हुआ है और वीर दादा कान्हा की धरती पर इसे पूरा किया जाएगा। इस दौरान भाजपा नेता ने पीएम मोदी की भी जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा है कि हम किसानों के साथ है। ये आंदोलन चलता रहेगा। जब तक सरकार उनकी बात नहीं सुनती।

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