मोदी सरकार में कितना रोजगार मिला इसका तो कोई डेटा अभी जारी नहीं हुआ। मगर सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी ने बेरोजगारी का डेटा पेश कर दिया है। जिसमें कहा गया है कि बीते एक साल में यानी साल 2018 में करीब 1.10 करोड़ भारतीयों को अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड़ा है।

रिपोर्ट के अनुसार भारत में साल 2018 में बेरोजगारी की दर 7.4 फीसदी थी। यह पिछले 15 महीने में बेरोजगारी की दर सबसे अधिक थी।

दरअसल हर साल सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी रोजगार को लेकर डेटा जारी करती है, पिछली बार साल 2017 में CMIE ने जानकारी देते हुए कहा कि दिसंबर 2018 में 39.70 करोड़ लोगों के पास ही रोजगार बचा है जबकि ये आंकड़ा दिसम्बर 2017 में 40.79 करोड़ था।

शहरों में 18 लाख पुरुषों की नौकरी गई, 5 लाख को मिली

शहरों की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल 5 लाख पुरुषों को नौकरी मिली लेकिन 18 लाख लोगों की नौकरी चली गई।

रिपोर्ट के मुताबिक, जिन लोगों की नौकरी बनी रही उनमें लोगों की उम्र 40 से 59 साल के बीच है। यानी की युवाओं के हाथ नौकरी भी लगी और जब लगी और नौकरी भी हाथ से जल्दी चली गई। रिपोर्ट बताती है कि पिछले साल सैलरी पाने वाले करीब 37 लाख लोगों की नौकरी चली गई।

88 लाख महिलाएं हुई बेरोजगार

CMIE के मुताबिक नौकरी जाने के मामलें में सबसे महिलाओं को झेलना पड़ा है। आंकड़े के मुताबिक, पिछले साल कुल 1.09 करोड़ लोगों को अपनी नौकरी गवानी पड़ी, जिनमें महिलाओं की संख्या 88 लाख रही और 22 लाख पुरुष बेरोजगार हो गए।

शहर में 23 लाख महिलाओं की नौकरी गई और वहीं ग्रामीण भारत की बात करे तो महिलाओं की स्थिति यहां भी बेहद ख़राब रही यहां करीब 65 लाख महिलाएं बेरोजगार हो गई।   

ग्रामीण भारत में 91 लाख लोग बेरोजगार

CMIE के अनुसार, सबसे ज्यादा नौकरी ग्रामीण भारत में गई जिसमें 91 लाख लोग बेरोजगार हुए जबकि शहरी भारत में 18 लाख लोगों की नौकरी गई। ग्रामीण भारत में जहां भारत की दो तिहाई आबादी निवास करती है जबकि नौकरी जाने के मामले में ये आंकड़ा 84 फीसदी बैठता था।

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