प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब भी कोई इंटरव्यू देते हैं तो उनसे कोई न कोई बलंडर मिस्टेक हो ही जाती है। वह कभी खुद को गरीब बताने के चक्कर में अपना कपड़ा खुद से धोने लगते हैं और कभी ख़ुद को एडवांस साबित करने की होड़ में 35 साल पहले के डिजिटल कैमरा यूज़र बन जाते हैं। उनके यह बयान तथ्यों से दूर होते हैं।

न्यूज़ नेशन को शनिवार को दिए इंटरव्यू में पीएम मोदी ने कहा, ‘शायद, मैंने पहली बार डिजिटल कैमरा का उपयोग किया, 1987-1988 में और उस समय काफी कम लोगों के पास ईमेल रहता था। मेरे यहां विरमगाम तहसील में आडवाणी जी की रैली थी, मैंने डिजिटल कैमरा पर उनकी फोटो खींच कर दिल्ली को ट्रांसमिट की।’

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पीएम मोदी के इस बयान के बाद उनका सोशल मीडिया पर जमकर मज़ाक बनाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग चुटकी लेते हुए कह रहे हैं कि पीएम मोदी ने अपनी वाहवाही के चक्कर में भारत में इंटरनेट और डिजिटल कैमरा आने से पहले ही इस्तेमाल कर डाला।

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यह पहली बार नहीं है जब पीएम मोदी ने तथ्यों को दरकिनार कर कोई झूठ बोला हो। इससे पहले भी वह ख़ुद को गरीब बताने के लिए कई झूठ बोल चुके हैं। जिसमें उनका मुख्यमंत्री बनने तक खुद से कपड़ा धोने का दावा भी शामिल है।

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उनके पहले के बयानों को देखें तो वह हमेशा खुद को गरीब बताने के लिए झूठ बोलते रहे हैं। यह पहली बार है जब उन्होंने खुद को एडवांस बताने के चक्कर में अमीर बता दिया है। डिजिटल कैमरे का इस्तेमाल आज भी कोई गरीब नहीं करता और जिस वक्त की बात पीएम मोदी कर रहे हैं, उस वक्त तो कोई अमीर ही डिजिटल कैमरा रख सकता था।

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