ओडिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हेलिकॉफ्टर की तलाशी लेने वाले अधिकारी के निलंबन को पूर्व चुनाव आयुक्त डॉ. एसवाई कुरैशी ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि इस कदम से हमने संवैधानिक संस्थाओं की छवि को सुधारने का मौका गंवा दिया।

पूर्व चुनाव आयुक्त ने ट्विटर के ज़रिए कहा “आयोग ने छवि सुधारने का मौका खो दिया। ओडिशा में सामान्य पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात आईएएस अधिकारी को प्रधानमंत्री मोदी के हेलिकॉप्टर की जांच करने की वजह से निलंबित किया जाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है बल्कि आयोग की छवि को सुधारने के मौके से चूकना भी है। दोनों ही जनता के स्कैनर पर रहते हैं”।

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री लगातार आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन कर रहे हैं और आयोग लगातार उसकी अनदेखी कर रहा है। प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की तलाशी यह दिखाने का एक अवसर था कि कानून सभी के लिए बराबर है। एक झटके में दोनों की आलोचनाएं खत्म हो जाती। दुर्भाग्य से दोनों ने अलग ही रास्ता चुना। उनकी आलोचना अब पहले के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ जाएगी”।

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ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक के हेलिकॉप्टर की तलाशी की घटना का जिक्र करते हुए एसवाई कुरैशी ने कहा, “इसके विपरीत मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के चॉपर की उनकी आंखों के सामने तलाशी ली गई, जिसने उनका कद बढ़ाया। हमें अपने नेताओं में इस तरह के स्टेट्समैन जैसे रवैये की जरूरत है। मिस्टर पटनायक को सलाम”।

बता दें कि 1996 बैच और कर्नाटक काडर के आईएएस अफसर मोहम्मद मोहसिन को चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री के हेलिकॉप्टर की जांच करने की वजह से निलंबित कर दिया था। अधिकारी के खिलाफ यह कार्रवाई पीएमओ के दखल के बाद की गई थी। हालांकि चुनाव आयोग ने निलंबन का कारण दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताया था।

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