इस बार लोकसभा चुनाव कई मामलों में ख़ास रहा। केवल बीजेपी को ही बहमत नहीं मिली। बल्कि संसद में अपराधियों की भी बहुमत है। 2019 लोकसभा चुनाव मे जीतकर आए लगभग आधे सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं।

एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के अनुसार 2014 लोकसभा चुनाव के मुकाबले ये 26 प्रतिशत ज्यादा है। एडीआर की रिपोर्ट बताती है कि 539 विजयी उम्मीदवारों में से, 233 सांसदों या 43% पर आपराधिक आरोप हैं।

बीजेपी के 116 सांसद, कांग्रेस के 29 सांसद, जेडीयू के 13 सांसद, डीएमके के 10 और टीएमसी के 9 सांसद आपराधिक मामले के आरोपित हैं। जबकि 2014 के दौरान 112 सांसद किसी न किसी गंभीर आपराधिक मामले के आरोपित थे। इन नामों में एक नाम 2008 मालेगांव धमाके की आरोपी प्रज्ञा सिंह ठाकुर का भी शामिल है। प्रज्ञा सिंह पर यूएपीए के तहेत आतंकी धाराएं दर्ज हैं।

एक तरफ अपराधियों का संसद में भव्य स्वागत किया जाना है। वहीं लोगों को अभिनेत्री से नेता बनी टीएमसी सांसद मिमी चक्रवर्ती और नुसरत जहान की संसद में पहली एंट्री रास नहीं आई। दोनों अभिनेत्रियां वेस्टर्न कपड़ों में संसद पहुंची। उनकी तस्वीर जल्द सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और आलोचकों का निशाना बनी।

याद होगा कांग्रेस माहासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्विटर पर अपनी डिस्प्ले पिक्चर बदली थी। उन्होंने साडी में अपनी तस्वीर को बदलकर जींस में तस्वीर अपलोड की थी जिसके बाद से ही वो ट्रोल के निशाने पर आ गईं। यानी देश के संसद को अपराधी और हत्यारे मंज़ूर हैं लेकिन प्रगतिशील महिलाएं नहीं।

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